अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर पत्नी को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अदालत ने पति को दोषी ठहराया है। एडीजे-4 की अदालत ने पति रवि कुमार को 10 साल के कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
पत्नी से अतिरिक्त दहेज की मांग कर आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अदालत ने मृतका के पति को दोषी पाया। एडीजे 4 पवन कुमार श्रीवास्तव ने पति को 10 साल कारावास के साथ 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुना दी।
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थाना खंदौली में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार बिट्टी देवी ने वर्ष 2018 में अपनी पुत्री साधना की शादी थाना खंदौली क्षेत्र के गांव वास अगरिया निवासी रवि कुमार के साथ की थी। आरोप लगाया था कि पुत्री का पति व ससुराल के अन्य परिजन शादी में मिले दहेज से खुश नहीं हुए। अतिरिक्त दहेज में रुपयों की मांग कर उत्पीड़न करते थे। विरोध पर मारपीट करते थे।
उत्पीड़न से परेशान होकर पुत्री ने 15 अप्रैल, 2024 की रात फंदे से लटककर जान दे दी थी। पुलिस ने पति व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने 23 अप्रैल, 2024 को पति को हिरासत में लिया। अदालत में पेश कर जेल भेजा था। अन्य के खिलाफ कोई साक्ष्य न मिलने पर विवेचक ने सिर्फ पति के खिलाफ 16 जुलाई, 2024 को अदालत में आरोपपत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से बिट्टी देवी, मृतका के पिता रामेश्वर नागोरिया, बहन अंजली, एसीपी पीयूष कांत राय सहित 9 गवाह अदालत में पेश किए गए।