मैनपुरी के कुरावली गांव नगला गढू में पति ने सहयोगियों के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए वह आनन फानन में शव को जलाने लगा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आग को बुझाने के बाद शव चिता से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इस बीच आरोपी वहां से भाग गए। मृतका के भाई ने बहनोई व अन्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रभारी निरीक्षक शिव सिंह चौहान को सोमवार की रात सूचना मिली कि एक महिला का शव गुपचुप ढंग से जलाया जा रहा है। इस सूचना पर इंस्पेक्टर पुलिस बल के साथ नगला गढू पहुंच गए।
पुलिस को आता देख चिता के पास खड़े लोग भाग गए। पुलिस ने चिता पर पानी डालकर आग को बुझाया। बुरी तरह से जल चुके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जानकारी मिलने के बाद मायके पक्ष के लोग भी आ गए।
जांच करने पर पता चला कि सर्वेश सिंह की शादी करीब 20 वर्ष पूर्व जनपद कन्नौज के थाना इंदरगढ़ क्षेत्र के गांव लेलेपुर निवासी जगदीश सिंह की पुत्री सुशीला के साथ हुई थी।
सुशीला की तीन पुत्रियां व दो पुत्र हैं। मायके वालों का आरोप है कि सर्वेश कुछ भी कमाता वह भाई वीरपाल को देता था। इसको लेकर दंपती के बीच झगड़ा होता था। सोमवार की रात करीब 12 बजे पति सर्वेश, वीरपाल, दिनेश, बलराम और छविनाथ ने सुशीला की हत्या कर दी। इसके बाद छिपाकर शव को जलाने की कोशिश करने लगे।
मृतका के भाई शिशुपाल सिंह ने आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस नामजद किए गए पति व अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। वहीं 21 वर्षीय पुत्री ने भी पिता और चाचा पर मां की हत्या करने का आरोप लगाया है।
मायके वालों के अनुसार मृतका की बड़ी पुत्री प्रियंका शादी के योग्य हो गई है। शादी में होने वाले खर्च को लेकर महिला पति पर शादी के लिए रुपये जमा करने व जेवर आदि बनवाने की कह रही थी।
इसको लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। वहीं आरोपी के भाई भी रुपये मांगे जाने से नाराज था। वीरपाल शादी के लिए रुपये नहीं देना चाहता था। इसी वजह से एक योजना के तहत हत्याकांड का अंजाम दिया गया।
ओमप्रकाश सिंह, एएसपी का कहना है कि मृतका के भाई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।