आगरा। पत्नी को आत्महत्या के लिए विवश करने के मामले में अदालत ने किरावली क्षेत्र के साईं धाम कॉलोनी निवासी पति अंकुर उर्फ अजीज को दोषी माना। एडीजे-15 राजीव कुमार पालीवाल ने उसे सात साल का कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में सास-ससुर और देवर को बरी कर दिया गया।
थाना अछनेरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, नूर मोहम्मद ने तहरीर दी थी। बताया कि 29 मार्च, 2019 को उन्होंने अपनी दो बेटियां शबाना बानो और रिहाना बानो का निकाह अंकुर उर्फ अजीज और अयूब उर्फ अमित के साथ किया था। आरोप लगाया कि बेटियों के पति व अन्य ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज में तीन लाख रुपये नकद और कार की मांग करने लगे। विरोध पर उत्पीड़न करने लगे। 17 जून, 2022 को शबाना को घर से निकाल दिया। उस समय छोटी बेटी मायके में थी। इसके बाद ससुराल आने पर 29 सितंबर, 2022 को शबाना की हत्या कर शव फंदे से लटका दिया गया। पुलिस ने पति, सास परवीन उर्फ गोला, ससुर कम्पोदर खां और देवर अयूब उर्फ अमित के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। संवाद