पुलिस जांच में हुआ खुलासा
पुलिस जांच में पता चला कि सोनू ने तुलसी की गला दबाकर हत्या के बाद शव को सड़क किनारे फेंक मामले को हादसा दर्शाने की कोशिश की है। इसी षड्यंत्र के तहत सोनू खुद भी अस्पताल में भर्ती हो गया था। एडीजीसी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। एफआईआर में पीड़ित पिता ने सास व बेटी को दो देवरों को भी आरोपी बनाया, लेकिन पुलिस ने अपनी जांच में उन्हें आरोपी नहीं पाया और चार्जशीट में से नाम निकाल दिए। ट्रायल के दौरान मृतका के पिता, भाई, विवेचक और डॉक्टर आदि की गवाही कराई गई। अदालत ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर सोनू को हत्या का दोषी करार देते हए उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।