कासगंज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रत्नेश कुमार की कोर्ट ने दहेज हत्या के दोषी पति को सात साल की सजा सुनाई है। जबकि पुत्रवधू के उत्पीड़न की दोषी सास को एक साल की सजा दी गई है। कोर्ट ने दोषियों पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।सहावर गेट निवासी विकास प्रताप सिंह के साथ 20 जनवरी 2014 को अर्चना की शादी हुई थी। 21 जुलाई 2014 को ससुराल वालों ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। वह अपने मायके आ गई। 29 जुलाई 2014 को पति के अलावा सास कुसुम, ससुर भरत सिंह, ननद नीरज, ननदोई ब्रजेश व देवर आलोक समझौते के लिए घर पर आए। इस बीच विवाद बढ़ गया। अर्चना ने आग लगा ली और उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता सुशील पाल सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई। ससुर की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। कोर्ट में पति का दोष सिद्ध होने पर धारा 498 ए में एक साल की सजा व 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। धारा 304 बी आईपीसी में सात साल की सजा सुनाई गई। धारा 4 में एक साल की सजा व 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। सास कुसुम का धारा 498 ए का दोष सिद्ध हुआ। उसको एक साल की सजा व 10 हजार का जुर्माना लगाया गया। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।