युवक की मौत के बाद विलाप करते परिजन, इंसेट में मृतक
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बाह के खेड़ा राठौर के मझटीला गांव में बंटू ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। बंटू किडनी की बीमारी से पीड़ित अपनी पत्नी उर्मिला का पांच साल से इलाज करा रहा था।
उर्मिला के इलाज के दौरान जमीन और गाड़ी भी बिक गई। अब फिर से पांच अक्टूबर को उसका ऑपरेशन होना था। ऑपरेशन के लिए रुपये की व्यवस्था न होने के कारण वह परेशान था। यही उसकी आत्महत्या का कारण बताया जा रहा है।
परिजनों के मुताबिक मझटीला गांव के बंटू पुत्र रामजीत की पत्नी उर्मिला देवी की किडनी खराब हो गई है। पिछले पांच साल से बंटू उसका इलाज करा रहा था। इलाज के लिए उसने अपनी जमीन और गाड़ी बेच दी। 18 सितंबर को उसके ससुर अतर सिंह ने उर्मिला का ऑपरेशन कराया था।
पांच अक्टूबर को दूसरा ऑपरेशन होना है। आर्थिक तंगी से जूझ रहा बंटू तनाव में था। गुरुवार को वह बाजरे के खेत की कटाई के लिए गया था। वह घर लौटा तो और गले में फंदा डाल कर पंखे के हुक पर झूल गया। जब तक परिजन उसे उतारते तब तक उसकी मौत हो गई थी। सूचना पर पहुंची खेड़ा राठौर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
कैसे होगा उर्मिला का इलाज
आर्थिक तंगी के चलते जान देने वाले बंटू की पत्नी उर्मिला के इलाज पर सवाल खड़ा हो गया है। बीमार पड़ी उर्मिला सुधबुध खो चुकी है। उसके सामने चार बच्चों, मोहित (6), रोहित (4), मोहिनी (2), अभि (1) की परिवरिश का भी सवाल है।
उसके मायके पिनाहट के पुरा झोरियान से पिता अतरसिंह, मां माला देवी, भाई बंटी मौके पर पहुंचे। पंचायत में तय हुआ कि बंटू की संपत्ति उसके बच्चों के नाम लिख दी जाये। उर्मिला के इलाज का खर्च मायके वालों ने उठाने की हामी भरी। पंचायत के बाद लिखा-पढ़ी भी हो गई।