फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यमुना एक्सप्रेसवेः यहां हादसे कम हुए, मौत ज्यादा हुई, जानें एक वर्ष में कितनों ने गंवाई जिंदगी

Thu, 31 May 2018 04:22 PM IST
चंद्रमोहन शर्मा, अमर जलाला आगरा
विज्ञापन
yamuna expressway
विज्ञापन
2017 में 2016 की तुलना में 456 हादसे कम। इसी तरह मौत के आंकड़े को देखें तो 13 लोग ज्यादा मरे हैं। आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जब हादसे कम हुए हैं, तो लोग ज्यादा क्यों मरे। 
विज्ञापन


इसकी वजह है यमुना एक्सप्रेसवे पर रफ्तार का बढ़ जाना है। 2017 में वाहनों की रफ्तार 200 किमी. प्रति घंटा तक पहुंच गई। इसका अर्थ यह है कि एक्सप्रेस वे पर सफर और ज्यादा खतरनाक हो गया है। 

वाहनों की रफ्तार तेज होती जा रही है। इसी रफ्तार से हादसों में मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। ऐसा नहीं है कि पहले हादसों में लोग मर नहीं रहे थे लेकिन तब प्रतिशत कम था। लोग घायल ज्यादा हो रहे थे, जान बचने की संभावना अधिक थी। ओवरस्पीड में यह कम हो जाती है। 
विज्ञापन

Yamuna Expressway Accident
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (येडा) की ओर से आगरा डवलपमेंट फाउंडेशन (एडीएफ) के सचिव केसी जैन को उपलब्ध कराई गई सूचना में यह बताया गया है कि वर्ष 2012 में शुरू हुए 165 किमी. के इस एक्सप्रेस वे पर सबसे ज्यादा मौत 2017 में हुई हैं।

सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का लंबे समय से अध्ययन कर रहे केसी जैन का कहना है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अगस्त 2017 से मार्च 2018 के बीच आठ महीने में ही 853 हादसे हुए जिनमें 100 लोगों की मौत हो गई। ओवरस्पीड के दो नुकसान हैं। एक तो हादसे होते हैं, दूसरा घायल लोगों का बच पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। 

इसमें चिंताजनक पहलू यह भी है कि केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने तीन दिन पहले ही बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल वे के उद्घाटन के मौके पर बताया कि एक्सप्रेसवे पर आठ सीटों से कम वाले मोटर वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 से बढ़ाकर 120 किमी और मालवाहक वाहनों के लिए यह 60 से बढ़ाकर 80 कर दी गई है।

तो 700 करोड़ रुपये मिल जाते सरकार को

यह यमुना एक्सप्रेसवे का हाल है। 2012 से 2017 तक दो करोड़ 30 लाख 46 हजार 542 लोग गति सीमा का उल्लंघन कर चुके हैं। 

इनमें जेवर प्लाजा पर एक करोड़ सात लाख, मथुरा टोल प्लाजा पर 70 लाख और आगरा टोल प्लाजा पर 53 लाख लोग हैं। अगर सभी का चालान किया जाता तो 300 प्रत्येक के हिसाब से सरकार को लगभग 700 करोड़ रुपये मिल जाते। 

एक्सप्रेसवे से होकर अभी तक 75 करोड़ वाहन गुजर चुके हैं। इनमें आगरा टोल प्लाजा से 18 करोड़, मथुरा टोल प्लाजा से 25 करोड़ और जेवर टोल प्लाजा से 32 करोड़ वाहन गुजरे हैं।
विज्ञापन

चालान सिर्फ 18 हजार का ही हुआ

एक्सप्रेस वे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगा है। इसमें 19 सीसीटीवी कैमरे, 25 वीडियो इंसिडेंट डिटेंशन सिस्टम कैमरे और 30 स्पीड कैमरे मय ऑटेमेडिट नंबर प्लेट रीडर हैं। 

इसके बावजूद ट्रैफिक नियम तोड़ने पर अभी तक किए गए चालान सिर्फ 18047 हैं। इनमें भी जुर्माना राशि की वसूली बहुत कम से हो पाई है। 

केंद्रीय सड़क मंत्रालय की वर्ष 2016 की रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में 12 महीनों में देश में चार लाख 80 हजार 652 हादसे हुए। इनमें एक लाख 50 हजार 785 लोगों की जान गई। 

इनमें ओवरस्पीड के कारण दो लाख 68 हजार 341 हादसे हुए। यह कुल हादसों के 55.82 प्रतिशत हैं। इनमें 73 हजार 896 लोगों की जान गई।

ये भी जानें 
वर्ष     :  2016
हादसे   : 1219
मौत     : 133

वर्ष     :   2017
हादसे   :  763
मौत     :  146
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें