म्यांमार में बिगड़े हालातों के बाद रोहिंग्या मुसलमान उत्तर प्रदेश में भी पहुंच गए हैं। मथुरा में ही करीब 150 परिवार रह रहे हैं, लेकिन टाउनशिप के पास बनी बस्ती से गायब हुए 25 रोहिंग्या नौजवान खुफिया एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गए हैं।
अब यह कहां हैं रोहिंग्या बस्तियों में भी किसी को नहीं पता। बताया जाता है कि यूपी से करीब 100 नौजवान लापता हैं। मथुरा में दो साल पहले रोहिंग्या मुसलमानों के कुछ परिवार टाउनशिप के पास पहुंचे थे। इन लोगों ने सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर पूरी बस्ती तैयार कर ली थी।
यहां दस झोपड़ी ऐसी थीं जिनमें लड़के रहा करते थे। इन सभी की उम्र 18 से 25 साल के करीब बताई जा रही है। इन लोगों ने यहां पहुंचकर दो ई-रिक्शा भी खरीद ली थीं। पिछले साल जब अमेरिका के राष्ट्रपति का भारत दौरा हुआ था उस समय संभावना व्यक्त की गई थी कि वह आगरा में ताजमहल देखने के लिए भी जाएंगे।
इसे लेकर खुफिया एजेंसियां भी चौकस हो गई थीं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने उस वक्त बस्तियों की चेकिंग कराई थी। जब टाउनशिप के पास बनी इस बस्ती में चेकिंग की गई तो जिस झोपड़ी में नौजवान रहा करते थे वह खाली थी। इनकी संख्या करीब 25 बताई गई थी।
यह कहां गए कोई नहीं जानता। मथुरा में सराय आजमाबाद, टाउनशिप, बरारी, जमुनापार और औरंगाबाद में बनी रोहिंग्या बस्तियों में जब पूछताछ की गई तो इनके बारे में कोई नहीं बता सका था।
आतंकी संगठनों से जुड़ने की आशंका
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- फोटो : FILE PHOTO
खुफिया सूत्रों का कहना है कि प्रदेश से करीब 100 रोहिंग्या नौजवान लापता हैं। रोहिंग्या आतंकी संगठनों से जुड़ाव की आशंकाओं से घिरे हैं लिहाजा खुफिया एजेंसियां भी बेचैन हैं। एक अधिकारी ने बताया कि जिन बस्तियों में भी रोहिंग्या रह रहे हैं वहां महिला, बुजुर्ग और बच्चे तो खूब मिलेंगे लेकिन नौजवान नहीं हैं।
एसएसपी स्वप्निल ममगाई ने बताया कि जहां भी रोहिंग्या मुसलमान रह रहे हैं उन बस्तियों में जाकर सत्यापन कराया जा रहा है। इन लोगों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। शासन को भी इस संबंध में पूरी रिपोर्ट भेजी जा रही है। साथ ही थाना पुलिस को भी कहा गया है कि वह निरंतर निगरानी करते रहें। इनकी सभी गतिविधियों को देखा जाए।