उत्तर प्रदेश की जेलों में कैदियों की मौत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सख्त है। एक आरटीआई एक्टिविस्ट की शिकायत पर आयोग ने संज्ञान लेते हुए आईजी जेल और मुख्य सचिव को समन जारी किया है। उन्हें 12 दिसंबर को आयोग में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश पारस ने वर्ष 2012 से 2017 प्रदेश की विभिन्न जेलों में मरने वाले कैदियों का ब्योरा आरटीआई के माध्यम से मांगा था। इसमें खुलासा हुआ था कि पांच साल में 2062 कैदियों की मौत हुई। कैदियों की मौत का कारण अलग-अलग है। किसी की मौत बीमारी तो किसी की मौत अन्य कारणों से हुई।
नरेश पारस ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत की। इस पर आयोग की ओर से आईजी जेल और मुख्य सचिव को नोटिस जारी किए गए। आयोग को अधिकारियों ने रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट से आयोग संतुष्ट नहीं हुआ। इस पर अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए। मगर, कोई सही जवाब नहीं मिला।