कासगंज। नगर के प्राचीन हुल्का मंदिर पर इस बार कोरोना संक्रमण का खौफ दिखाई दे रहा है। वर्षों से आषाढ़ माह की प्रथमा से पूर्णिमा तक लगने वाला 15 दिवसीय विशाल मेला इस बार नहीं लगेगा और न ही सामूहिक रूप से धार्मिक अनुष्ठान हो सकेंगे। संक्रमण की संवेदनशीलता को देख मंदिर कमेटी ने यह निर्णय लिया है।
मेला कमेटी के मुख्य प्रबंधक प्रेमनरायन पंडा के आवास पर आयोजित बैठक में तीन सदस्य शामिल हुए। अन्य सदस्यों ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से सहभागिता निभाई। मुख्य प्रबंधक ने कहा कि मां हुल्का महारानी दरबार में वर्षों से पारपंरिक आषाढ़ मेला लगता आ रहा है, लेकिन कोरोना संक्रमण ने इसे प्रभावित किया है।
22 जून से आरंभ होने वाला 15 दिवसीय मेला नहीं हो सकेगा। उन्होंने बताया कि 22 जून को आषाढ़ माह की प्रथमा के दिन रात नौ बजे तक सिर्फ सांकेतिक रूप से महामाई का गुणगान किया जाएगा और कुछ सदस्य हवन यज्ञ में भाग लेंगे। मंदिर प्रबंध समिति के सदस्य कुल्दीप पांडे ने कहा कि महारानी घर-घर में आराधना करने वालों पर कृपा बरसाएंगी।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक में सभासद हृदेश पंडा, दीपक पांडे, शरद पंडा, सर्वेश पंडा, दिनेश पंडा, सुजीत पंडा, विकास पांडे, आशीष पांडे, संदीप पांडे, जलज पांडे, आयुष भारद्वाज, प्रवीन उपाध्याय, रामवीर सिंह, गिरीश भारद्वाज, दिलीप वशिष्ठ, रजत, रोहित, समर्थ, समग्र आदि ने सहभागिता निभाई।