कोरोना वायरस की तीसरी लहर से निबटने में डॉक्टरों की कमी बाधा बन सकती है। सरकारी अस्पतालों में 164 चिकित्सकों की जरूरत हैं। स्वास्थ्य विभाग में 99 और एसएन मेडिकल कॉलेज 62 चिकित्सकों की कमी है। जिला अस्पताल में तीन चिकित्सकों की कमी है। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की कमी से सीएचसी पर सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग में 236 चिकित्सकों की जरूरत है, जिसमें से 137 ही सेवारत हैं। इन्हीं चिकित्सकों से 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का काम देखा जा रहा हैं। 30 जून को तीन चिकित्सक सेवानिवृत्त हुए और एक की दूसरी लहर में मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के पास बाल रोग विशेषज्ञ, छाती रोग विशेषज्ञ, सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में देहात में सीएचसी पर डॉक्टरों की कमी से चिकित्सकीय सेवाएं भी प्रभावित हुई थीं।
एसएन: 251 में से 189 चिकित्सक तैनात
एसएन कॉलेज में चिकित्सकों के 251 पद हैं, इसमें से 189 चिकित्सक ही हैं। इनमें से 133 चिकित्सकों की स्थायी तैनाती है और 56 चिकित्सक संविदा पर सेवाएं दे रहे हैं। अभी 62 चिकित्सकों की और कमी है। बीते 30 जून को चार चिकित्सक सेवानिवृत्त हो गए थे।