आज देश में दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। दशहरा पर गृह प्रवेश हो या फिर नये कार्य की शुरुआत ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि उसे किस प्रकार संपन्न करें।
जिस स्थान पर पूजा करनी है। उस स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। इसके बाद लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर छात्र अपने पठन पाठन सामग्री, क्षत्रिय समाज के लोग अपने शस्त्र, वैश्य समाज के लोग अपने बहीखाते रखकर रोली, चंदन, चावल आदि से तिलक करें। भगवान श्रीराम या फिर अपने ईष्ट को सिर झुकाकर प्रणाम करें। साथ ही सफलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें।
विजय नगर निवासी ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय के अनुसार दशहरा (विजय दशमी) के दिन गृह प्रवेश, नया व्यापार प्रारंभ करना अधिक फलदायी माना गया है। इस दिन राहु काल का दोष नहीं होता। विजय दशमी के दिन बहनें बोये गए जौ और मिठाई रोली चावल तथा नारियल थाली में सजाकर अपने भाइयों की विजय प्राप्ति का शुभ तिलक भी करती हैं।