मैनपुरी। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत सरकार हर हाथ को रोजगार देना चाहती है। मगर, बैंक लोन पास नहीं कर रहे हैं। शनिवार को तहसील सदर में डीएम अंजनी कुमार सिंह जनसुनवाई कर रहे थे। उनके समक्ष इसी प्रकार की एक शिकायत आई। गिहार कॉलोनी कुरावली निवासी शैलेंद्र कुमार ने शिकायती पत्र देते हुए कहा कि उसने फोटो-कॉपी एवं मुद्रण सेवा के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराने के लिए आवेदन दिया था। मगर, भारतीय स्टेट बैंक द्वारा पत्रावली स्वीकृत कर ऋण उपलब्ध नहीं कराया। वह 80 प्रतिशत दिव्यांग है। डीएम स्वयं जिला अग्रणी प्रबंधक, उपायुक्त उद्योग के साथ सीधे भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा स्टेशन रोड पहुंचे और ब्रांच मैनेजर से योजना में प्रेषित आवेदन पत्रों की जानकारी की। पाया कि भारतीय स्टेट बैंक की समस्त शाखाओं में अब तक 256 आवेदन पत्र प्रेषित किए गए, जिसमें से 53 आवेदन पत्रों को स्वीकृत कर मात्र 18 पत्रावलियों पर ऋण वितरण किया गया। विभिन्न बैंकों द्वारा शाखाओं ने 61 आवेदन पत्र निरस्त किए गए। अभी स्टेट बैंक की विभिन्न शाखाओं में 146 आवेदन पत्र स्वीकृति के लिए लंबित हैं। निरस्त की गई पत्रावलियों के बारे में जानकारी करने की तो ब्रांच मैनेजर संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। लाभार्थीपरक योजनाओं में ऋण वितरण पंजिका भी ठीक नहीं मिली। बैंक अभिलेखों का निरीक्षण करते हुए पाया कि उक्त शिकायतकर्ता की पत्रावली बैंक द्वारा स्वीकृत तो की जा चुकी है, लेकिन ऋण वितरण नहीं किया जा रहा है। मौके पर उपस्थित दिव्यांग शिकायतकर्ता ने बताया कि बैंक द्वारा सामायिक बंधक की मांग की जा रही है। मौके पर उपस्थित अग्रणी जिला प्रबंधक ने बताया कि योजना में 10 लाख तक के ऋण के लिए सामायिक बंधक गारंटी की आवश्यकता नहीं है। जिलाधिकारी ने अपने सामने ही शिकायतकर्ता से औपचारिकताएं पूर्ण कराकर तत्काल ऋण वितरण कराकर फरियादी को राहत प्रदान की।