फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदमाशों को कैसे मिली कैश की पूरी जानकारी

Wed, 15 Jun 2016 02:02 AM IST
अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
बदमाशों को कैसे मिली कैश की पूरी जानकारी - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
46 लाख की लूट में मुनीम-ड्राइवर से तीन सवाल पूछ रही पुलिस
विज्ञापन


सवाल - 1
बदमाशों को कैसे पता चला कि 46 लाख दो अलग अलग बैग में मुनीम-ड्राइवर के पैरों के नीचे रखे हैं?

सवाल - 2
शीशा तोड़कर खिड़की से दोनों बैग निकाले गए तो बदमाशों को कांच क्यों नहीं लगा?

सवाल - 3
110 की स्पीड से दौड़ रही कार अचानक से रूकने पर सड़क पर टायरों के निशान क्यों नहीं आए?

बदमाशों को 46 लाख लूटने में सिर्फ दो ही मिनट लगे। उन्हें मालूम था कि कैश दो बैग में है। यह भी पता था कि  एक बैग मुनीम नरेंद्र और दूसरा ड्राइवर बबलू के पैर के नीचे रखा है। उन्होंने बैग उनसे मांगे नहीं, बल्कि कार से खुद निकाले। एक बदमाश बबलू की तरफ से खिड़की से अंदर घुसा। दूसरा, नरेंद्र की ओर से। इसी जानकारी से पुलिस अफसर चौंक गए हैं। सवाल यह है कि बदमाशों को कैसे पता चला कि कैश पैरों के नीचे दो बैग में रखा हुआ है। पुलिस ड्राइवर और मुनीम से सवाल पर सवाल किए जा रही है। बबलू ने बताया कि जिस समय बदमाशों ने बोलेरो से कार को ओवरटेक किया, उस समय वह कार 110 किमी. प्रति घंटा की स्पीड से चला रहा था। पुलिस का सवाल है कि इस रफ्तार पर अचानक से कार रुकी तो सड़क पर टायर रगड़ने के निशान क्यों नहीं आए?।  फील्ड यूनिट तमाम पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि उनसे बदमाशों का हुलिया पूछा गया। दोनों का कहना है कि वे बदमाशों को देख नहीं पाए थे। हालांकि पुलिस का यह भी मानना है कि हो सकता है कि घबराहट के चलते ठीक से चेहरे न देख पाए हों।
विज्ञापन


फीरोजाबाद भेजी गई टीम
पुलिस की एक टीम फीरोजाबाद भी भेजी गई है। वहां ड्राइवर और मुनीम के घर पर भी पूछताछ की जाएगी। फीरोजाबाद के गिरोह पर भी काम कर रही है पुलिस।

ड्राइवर-मुनीम से पूछताछ 
घटना के थोड़ी देर बाद ही क्राइम ब्रांच की टीम ड्राइवर और मुनीम को अपने साथ ले गई। उनसे देर रात तक पूछताछ चलती रही। पुलिस उनसे बार बार घटना के क्रम के बारे में सवाल कर रही थी।
विज्ञापन


46 लाख की लूट में पुलिस की चार टीमें लगी हैं। जल्द ही कुछ सुराग मिलने की उम्मीद है - अजय मोहन शर्मा ( डीआईजी)

हम पुलिस का पूरा सहयोग कर रहे हैं, बस केस जल्दी से जल्दी खुलना चाहिए - प्रमोद अग्रवाल ( पीड़ित कारोबारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें