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घर-घर रोशनी, बाजारों में बहार

Wed, 11 Nov 2015 01:25 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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हमें अदाएं दिवाली की जोर भाती हैं ।
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कि लाखों झमकें हर एक घर में जगमगाती हैं ।।
चिराग जलते हैं और लौएं झिलमिलाती हैं ।
मकां-मकां में बहारें ही झमझमाती हैं।।
जनकवि मियां नजीर अकबराबादी के इन शब्दों की तरह ही पूरा शहर दिवाली पर रोशनी से जगमगा उठा। रंग बिरंगी झालरों की चुनरिया ओढ़े दीवारें दमकती रहीं तो घरों पर झूलते बंदनवार और द्वार पर रंगोली दिवाली की चमक बढ़ाती रही। शहर की दुकानें, मॉल, फैक्ट्रियाें और घरों के कोने कोने रोशन हो गए। सांझ ढलते ही दीपोत्सव की खुशियां छोटी दिवाली पर ही आतिशबाजी के रूप में नजर आने लगीं। दिवाली पर आज रात मां लक्ष्मी के आगमन के लिए शहर पलक पांवडे़ बिछाकर इंतजार करेगा।
धनतेरस पर बाजार में धन बरसा तो छोटी दिवाली पर भी कारोबार की रौनक बरकरार रही। सोने, चांदी तो नहीं, लेकिन झालर, फूल, मालाएं, मूर्तियां, दीपक और कपड़ों की खरीद बंपर रही। ऑटो मोबाइल की रफ्तार दूसरे दिन भी तेज रही। शहर के प्रमुख बाजारों में पूरे दिन भीड़ बनी रही, वहीं बोदला, शाहगंज, सिकंदरा, पश्चिमपुरी, खंदारी, राजा मंडी, न्यू आगरा, जीवनी मंडी, नामनेर, रावतपाड़ा, रूई की मंडी जैसे बाजारों में रात तक जाम लगा रहा।
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माल रोड पर सजी फूलों की मंडी
दिवाली पर मां लक्ष्मी कमल के फूल पर विराजमान होंगी। माल रोड सजी फूलों की मंडी में कमल के फूल का भाव 20 से 50 रुपये तक है। कुमुदनी का फूल 10-20 रुपये तक बिका। सबसे ज्यादा गेंदा फूल मंडी में पहुंचा। शुरू में भाव 20 से 60 रुपये किग्रा तक रखे गए, लेकिन मांग के साथ ही इनमें उतार चढ़ाव आता गया। अशोक के पत्तों के साथ पिरोई गई मालाओं का भाव 60 रुपये किग्रा तक रहा।
रंगोली, बंदनवार की मांग
दिवाली के बाजार में रंगोली, बंदनवार, माला और सजावटी सामान खरीदने वालों की भीड़ ज्यादा रही। 20 से 50 रुपये में कई तरह की रंगोली बनाने वाली चलनी, 20 रुपये के पैकेट में तकरीबन 15 तरह के रंग, 15 से 50 रुपये की कीमत में 25 से 30 तरह के वाटर प्रूफ स्टीकर रंगोली, 15 से 25 रुपये में लक्ष्मी जी के पद चिह्न, 15 से 1500 रुपये तक के बंदनवार, 20 से 50 रुपये में लड़ी, 15 से 150 रुपये में माला खूब बिकीं।
जा तक सिमटे खील-खिलौने और गट्टे
दिवाली का पूजन मिठाई के साथ खील, खिलौनों और गट्टों से होता है। दिवाली पर पूजन के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मिट्टी, चांदी आदि की मूर्तियों के साथ खील खिलौने और गट्टा जरूरी है। इस साल भी खील और खिलौने का भाव 60 रुपये किग्रा पर है। गट्टे बाजार में कम ही दिखे। 250 ग्राम के पैक बनाकर दुकानदाराें ने पहले ही बिक्री की तैयारी कर ली थी।
मांग ज्यादा तो महंगी हुई झालर
धनतेरस से पहले चीन की एलईडी झालर की मांग कम थी। तब 10 मीटर की झालर 50 रुपये पर बिक रही थी, लेकिन धनतेरस के बाद छोटी दिवाली पर भारी मांग के कारण एलईडी 60 से 70 रुपये तक भी बिकी। इसी तरह 25 मीटर और कपड़े के पट्टे पर 500 एलईडी की कीमत में 10 से 20 रुपये प्रति झालर की बढ़ोतरी रही।
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ऑटो मोबाइल ने दूसरे दिन भी भरी रफ्तार
धनतेरस के दूसरे दिन भी ऑटो मोबाइल पूरी रफ्तार से दौड़ा। दो पहिया वाहनों और कारों की डिलीवरी छोटी दिवाली पर भी खूब हुई। दो पहिया वाहनों में हीरो, बजाज, टीवीएस, होंडा, रायल इनफील्ड, महिंद्रा के शोरूम पर भीड़ रही, वही चार पहिया में जिन कारों की वेटिंग चल रही थी, उनकेलिए ग्राहक छोटी दिवाली को ही डिलीवरी देने केलिए जोर देते रहे।
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