कासगंज। शहर के नदरई गेट बाजार में दिवाली की रात चार मंजिला मकान में आग लग गई। परिवार के सदस्यों के द्वारा जलाए गए दीये आग का कारण बने। आग की लपटों में परिवार के चार लोग फंस गए। एक युवक व दमकल कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर सभी को बमुश्किल आग की लपटों से सुरक्षित निकाला। इस दौरान करीब 45 मिनट तक एक पांच वर्षीय बालिका सहित कुल चार लोगों की जान आग के बीच फंसी रही। आग लगने की इस घटना में लाखों की रुपये की क्षति होने का अनुमान है। अग्रवाल मार्केट के समीप जयप्रकाश घड़ी वालों के चार मंजिला मकान की इमारत में सबसे नीचे दुकान है। दूसरी मंजिल में कमरे बने हुए है। परिवार के लोग वहीं रहते हैं। दिवाली रात करीब 10 बजे अचानक घर में आग लग गई। दिवाली की खुशियां मनाने और दीये जलाने के बाद परिवार के लोग घर के कमरों में थे। आग की लपटें और धुआं परिवार के लोगों ने देखा तो खलबली मच गई। उन्होंने दूसरी मंजिल के कमरे में देखा तो आग काफी तेज हो गई थी और ऊपर की ओर बढ़ रही थी। दुकान का सामान भी रखा हुआ था। आग दुकान के सामान तक भी पहुंच गई। परिवार के लोग आग की लपटों के कारण नीचे नहीं उतर सके। परिवार की महिला शशि ने घर की खिड़की से बाजार की ओर शोर मचाकर लोगों को आग की जानकारी दी और फंसे होने के बारे में बताया। इस दौरान बाजार में खड़े युवक अंकित अग्रवाल ने वहां से गुजर रहे युवक भोला वार्ष्णेय को अग्निकांड की जानकारी दी और परिवार के फंसे होने के बारे में बताया। तत्काल ही पुलिस, फायर ब्रिगेड को जानकारी दी गई। तब तक बाजार में भी काफी भीड़ एकत्रित हो गई। साहसी युवक भोला व कारोबारी बिट्टू अग्रवाल पड़ोस के मकान से घड़ी कारोबारी के मकान में जाने की कोशिश में जुट गए। जैसे तैसे युवक ने अपनी जान जोखिम में डालकर सबसे पहले पांच वर्षीय बच्ची उन्नति को बचाया। फिर एक-एक कर के अन्य लोगों को बचाया गया। तभी फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर आ गई। एफएसओ नितेश शर्मा तत्काल आगजनी के स्थान पर पहुंचे और फायरकर्मियों के साथ आग में फंसी वृद्धा सरोजदेवी को रेस्क्यू कर बचाया। आग में फंसे परिजनों के बाहर आने पर सभी ने राहत की सांस ली। मध्यरात्रि तक आग बुझाने की कवायद चलती रही। गृहस्वामी राजीव ने बताया कि भगवान का शुक्र है कि सभी की जान बच गई, लेकिन इस आग से दुकान का सामान, ढाई लाख रुपये की नकदी, 20 लाख रुपये जेवरात आदि जल गए।