आलीशान कोठी बनी है, घर में चार पहिया गाड़ी है। एक नहीं दो-तीन बाइक और घर में 4-4 कमाने वाले फिर भी फ्री का दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल चाहिए। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि आपूर्ति विभाग की जांच में सामने आया है। जिले में 92,119 लोगों ने राशन कार्ड बनवाने में फर्जीवाड़ा किया है। अब ऐसे लोगों का सत्यापन करने वाले विभागीय कर्मचारियों की जांच और कार्रवाई भी होगी।
जिला आपूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने बताया कि जिले के 18 विभागों ने अपने यहां से डाटा जारी कर यह जानकारी दी है कि कितने राशन कार्ड धारकों के पास चार पहिया और कितनों के पास दो पहिया वाहन है। साथ है तहसील स्तर से जमीन की भी जांच की गई है।
जिले में इस समय 7,34,876 राशन कार्ड धारक हैं। इनमें 4,62,804 देहात और 2,72,072 नगरीय क्षेत्र में लाभार्थी हैं। इसमें करीब 9 हजार अंत्योदय कार्ड के लाभार्थी हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिले में अभी इन लोगों को चिन्हित किया गया है। तहसील स्तर से टीम गठित कर इनकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे लोगों की वेरिफिकेशन करने वाले कर्मचारियों को भी चिन्हित कर उनकी भीजांच कर कार्रवाई की जाएगी।
इनकी होनी है जांच
देहात क्षेत्र में 2 लाख से अधिक आय वाले 36,501 और शहरी क्षेत्र में 3 लाख से अधिक आय वाले 17,476 लोग शामिल हैं। सालाना 25 लाख से अधिक टर्न ओवर वाले 130, खुद का रोजगार चलाने वाले 2,099, दूसरे जिले का कार्डधारक 3,795 और दूसरे राज्यों कार्डधारक 540 लोग हैं। साथ ही पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले 4,630 और 6 से 12 महीने के बीच राशन नहीं लेने वाले 13,412, एक साल से अधिक समय से राशन नहीं लेने वाले 1,620 और हल्के मोटर वाहन मालिक 11,522 समेत 18 विभागों में कुल 92,119 लोगों को चिन्हित कर जांच की जा रही है।