कारगिल चौराहा स्थित होटल शांति पैलेस में रविवार रात लगभग 12 बजे भीषण आग लग जाने से अफरा तफरी मच गई। होटल में धुआं भर जाने से इसमें ठहरे दूल्हा समेत 40 बाराती बुरी तरह फंस गए।
लिफ्ट तक लपटें पहुंचने से 15 लोग तेजी से भागकर सीढ़ियों के रास्ते बाहर निकले। जबकि इतने ही छत से होकर आसपास की इमारतों में पहुंचे। 10 महिलाओं को शीशे तोड़कर लकड़ी की सीढ़ी के सहारे निकाला गया। आग पर काबू पाने में दमकल की दो गाड़ियों को आधा घंटा लग गया। आग लगने की वजह बिजली के मैन बोर्ड में शॉट सर्किट होना माना जा रहा है। होटल में रखे गैस सिलेंडर फट जाने की आशंका में पास के अपार्टमेंट को खाली कराया गया।
होटल में 20 कमरे हैं। इसके 13 कमरों में अलीगढ़ से आए दूल्हा और बाराती ठहरे थे। नीचे बेसमेंट और पहली मंजिल पर मार्केट है। होटल की सीढ़ियों के पास स्थित बिजली के बोर्ड में आग लगी, जो फैलकर होटल के कमरों तक पहुंच गई। राहगीरों ने होटल के अंदर से आ रही महिलाओं की चीख पुकार सुनी। उन्होंने पत्थर मारकर बाहर की ओर लगे शीशे तोड़ दिए तो पता चला कि अंदर लोग फंसे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दस बाराती भागते हुए धुएं के बीच से सीढ़ियों के रास्ते बाहर निकल आए। इतने ही लोग होटल की छत पर पहुंचे। वहां से बगल में स्थित भावना मल्टीप्लेक्स में पहुंच गए। महिलाएं और बच्चे फंसे रह गए। उन्हें राहगीरों ने बाहर से सीढ़ी लगाकर निकाला। सूचना के 15 मिनट बाद पुलिस पहुंची। फायर ब्रिगेड की गाड़ी को पहुंचने में 20 मिनट गए। बाद में एक और गाड़ी बुलानी पड़ी। तब जाकर करीब एक बजे आग पर काबू पाया जा सका।
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आग से निकलते ही भागे बाराती
होटल में लगी आग से निकलते ही बाराती दूल्हे को साथ लेकर निकल गए। वहां कोई नहीं रुका। होटल का स्टाफ भी भाग गया। पुलिस जानकारी के लिए होटल मालिक राकेश शुक्ला को भी बुलाती रही लेकिन वे नहीं पहुंचे। बारात पश्चिम पुरी स्थित एक मैरिज होम में जानी थी।
लोग फंसे होने का मचा शोर
रात एक बजे तक शोर मचा रहा कि कई लोग होटल के अंदर फंसे हैं। फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम ने जब पूरा होटल खंगाल लिया, तब साफ हुआ कि अंदर कोई नहीं है।
छेड़छाड़ की सूचना से मचा हड़कंप
आग की लपटें देखकर पुलिस को फोन किया था आवास विकास कालोनी के विनोद चौधरी ने महिलाओं के चीखने का गलत अर्थ लगाया और पुलिस को बताया कि महिलाओं से छेड़खानी के बाद होटल में आग लगा दी गई है।