आगरा की आवास विकास कालोनी के सेक्टर छह स्थित अस्पताल में महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की। बिल्डिंग पर ताला लगा मिला। इस पर अस्पताल को सील कर दिया गया है। परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ तहरीर दी है।
बोदला निवासी रेखा देवी (26) को गुरुवार को रसौली के ऑपरेशन के लिए थाना जगदीशपुरा क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी सेक्टर छह स्थित एसके नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद रेखा की मौत हो गई थी।
परिजनों ने हंगामा कर दिया था। इस पर हॉस्पिटल के चिकित्सक और कर्मचारी भाग गए थे। सूचना पर पुलिस पहुंच गई थी। परिजनों ने डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा के खिलाफ थाना जगदीशपुरा में तहरीर दी।
डॉक्टरों के पैनल ने किया शव का पोस्टमार्टम
उधर, शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची। टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल ने किया। अपंजीकृत हास्पिटल सेल प्रभारी डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि अस्पताल पर ताला लगा मिला है। इस पर सील लगा दी गई है।
मकान मालिक और संचालक की तलाश की जा रही है। उधर, मृतका के पति ने डा. पुष्पेंद्र शर्मा के खिलाफ तहरीर दी है। इंस्पेक्टर का कहना है कि जांच के लिए सीएमओ को लिखा गया है। सीएमओ की रिपोर्ट के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
4500 रुपये जमा कराए थे
परिजनों ने बताया कि अस्पताल में ऑपरेशन के लिए 4500 रुपये जमा कराए गए थे। ऑपरेशन के बाद स्टाफ आया और बोला कि मरीज की हालत खराब है, बच्चेदानी निकालनी पड़ेगी। इस पर एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी ले जाओ। आनन-फानन में परिजन रेखा को एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी लेकर गए। चिकित्सकों ने उसे मृत बताया। शव को लेकर परिजन अस्पताल आए तो वहां ताला लगा था।
एसके हॉस्पिटल के नाम से मिली पर्ची
परिजनों के पास रेखा के इलाज की कोई रिपोर्ट नहीं है। उनके पास एक पर्ची है, जिस पर एसके नर्सिंग होम लिखा है। जांच में पता चला है कि इस बिल्डिंग पर हॉस्पिटल के नाम बदल-बदलकर बोर्ड लगाए जाते हैं। विभाग को अंदेशा है कि पूर्व में आवास विकास कॉलोनी में ही एक झोलाछाप की दुकान सील की थी, जिसका संचालक भी एसके नाम से था।
इससे पहले भी भाग चुका है स्टाफ
मरीज का गलत ऑपरेशन होने या फिर मौत के बाद स्टाफ फरार होने का मामला ये कोई नया नहीं है। इससे पहले कमला नगर में सहारा मेडिसिटी में प्रीति नामक महिला की मौत हो जाने के बाद स्टाफ भाग गया था। पिछले महीने ही जगदीशपुरा स्थित माया हॉस्पिटल में भी महिला को एसएन रेफर करने के बाद स्टाफ भाग गया था।