यही नहीं जनरल वार्ड का चार्ज 18 दिन के हिसाब से 90 हजार रुपये और डॉक्टर का विजिटिंग चार्ज 2 हजार प्रतिदिन के हिसाब से 8 दिन का 16 हजार रुपये वसूल किया जबकि वे सिर्फ एक दिन विजिट पर आए थे।
डेढ़ गुना महंगे दामों पर दीं दवाएं
दवाएं भी बाजार मूल्य से डेढ़ गुना महंगे दामों पर दी गईं जिनका बिल लगभग 1 लाख 49 हजार उससे वसूला गया। इतना ही नहीं अस्पताल में डॉक्टर का खर्चा 20 हजार प्रतिदिन के हिसाब से 34 हजार और आरएमओ चार्ज 1000 प्रतिदिन के हिसाब से 17 हजार उससे वसूल किया गया।
शिकायत पर डीएम ने जांच करवाई गई तो निजी अस्पताल को दोषी पाया गया। मनमानी वसूली की रकम को निजी अस्पताल से वापस कराया गया। आशीष को सरकार से मिले न्याय के बाद काफी राहत है।
उसने सरकार की ओर की गई उसकी मदद के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया है। उधर, यशवंत हॉस्पिटल के संचालक डॉ. सुरेंद्र सिंह भगौर का कहना है कि हमारे पास शिकायत आई थी, हमने अभी कोई पैसा वापस नहीं किया है, इस मसले पर कोर्ट में गए हैं।