आईवीएफ दिवस पर फतेहाबाद रोड स्थित होटल में संगोष्ठी करते हुए विशेषज्ञों ने बढ़ते बांझपन पर चिंता जताई। विशेषज्ञों ने कहा कि देर से शादी करने से यह दिक्कत बढ़ रही है। ऐसे में आईवीएफ तकनीक से निसंतानों के आंगन में भी किलकारियां गूंज रही हैं।
दिल्ली की डॉ. वंदना भाटिया ने बताया कि युवतियों में 30-32 साल के बाद शादी करने और खराब खानपान से गर्भधारण करने में दिक्कत आ रही है। बांझपन भी बढ़ रहा है। इसके चलते आईवीएफ कराने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। एसएन कॉलेज की डॉ. रिचा सिंह और डॉ. सविता त्यागी ने बांझपन की बढ़ती वजहों के बारे में जानकारी दी।
एसएन की कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरभि गुप्ता और यूरोलोजिस्ट डॉ. मधुसूदन अग्रवाल ने भी व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में डॉ. किया पाराशर, डॉ. स्तुति शर्मा, डॉ. अनिमेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।