निजी अस्पतालों से उपहार लेने वाली आशाओं का रोका मानदेय
- दिवाली पर उपहार लेते हुए वायरल हुआ था वीडियो
संवाद न्यूज एजेंसी
घिरोर। कस्बा स्थित निजी क्लीनिक से दिवाली के उपहार लेने वाली आशाओं की आखिर तलाश पूरी हो गई। अमर उजाला की खबर पर हुई जांच के बाद संबंधित आशाओं की पहचान करते हुए आशाओं का मानदेय रोक दिया गया है। उनकी साथी अन्य आशाओं की तलाश की जा रही है। चिकित्साधीक्षक ने सभी पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
कस्बा घिरोर स्थित एक क्लीनिक से दिवाली पर आशाओं द्वारा उपहार लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अमर उजाला ने इसको लेकर खबर प्रकाशित की थी। अमर उजाला की खबर पर चिकित्साधीक्षक घिरोर डॉ. प्रवीन यादव ने जांच कराई तो चार आशाओं की पहचान कर ली गई। चारों आशाओं का मानदेय रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। आशाओं से संंबंधित संगिनी और एएनएम को चेतावनी पत्र दिया है कि वे उनकी साथी अन्य आशाओं की पहचान करें जो निजी क्लीनिक पर प्रसव के लिए प्रसूताओं की पहुंचाने का इनाम पाती हैं।
अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए दिवाली पर एक निजी क्लीनिक से उपहार लेने वाली चार आशाओं की पहचान कर ली गई है। उनका मानदेय रोकते हुए स्पष्टीकर मांगा है। उनकी साथी आशाओं की तलाश की जा रही है।
डाॅ. प्रवीन यादव, चिकित्साधीक्षक घिरोर