ताजनगरी में कोरोना की जांच में 16 लोग ऐसे मिले हैं जिनकी पहले रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन 14 दिन बाद संक्रमित मिले। डॉक्टरों का कहना है कि खतरा सिर्फ 14 दिन का नहीं है। क्वारंटीन सेंटर से घर पहुंचने के बाद 14 दिन और क्वारंटीन में रहना जरूरी इसीलिए किया गया है क्योंकि 28 दिनों तक तक संक्रमण की आशंका रहती है।
एसीएमओ व पूर्व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि जिन लोगों में सर्दी, खांसी, बुखार व अन्य कारणों से संक्रमण की पुष्टि होती है, उन्हें आईसोलेशन में रखा जाता है। जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं मिलते, उन्हें 28 दिन के लिए 14-14 दिन दो फेज में क्वारंटीन रहना पड़ता है।
पहले 14 दिन के एक्टिव फेज में कई लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, दूसरे 14 दिन के होम क्वारंटीन पेसिव फेज में वह पॉजिटिव हो गए हैं। पोलियो जैसे वायरस पर काम कर चुके डॉ. कुमार ने बताया कि जिस दिन केस पॉजिटिव आया, उस दिन से फिर उसका 28 दिन इन्युबेशन पीरियड शुरू हो जाता है।