बांकेबिहारी मंदिर में होली के रंगों की वर्षा
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ज्योतिषाचार्य के अनुसार ग्रहों की ऐसी स्थिति के कारण इसे ध्रुव योग कहा जाता है, जो 500 साल बाद बन रहा है। इससे पहले ग्रहों का यह योग 3 मार्च 1521 को बना था। इसके अलावा होली पर सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग भी बन रहा है। दशकों बाद होली पर सूर्य, ब्रह्मा और अर्यमा के साक्षी रहेंगे। यह दुर्लभ योग होली पर शुभ फल देने वाले हैं।