03एमएनपी-29-करहल रोड पर रंगीन कचरी को नष्ट कराते खाद्य विभाग के अधिकारी
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मैनपुरी। होली के त्योहार पर रंगीन कचरी से बाजार पट जाते हैं। शायद ही ऐसा कोई घर होगा, जहां इनकी खरीदारी न की जाती हो। लेकिन ये रंगीन कचरी आपको बीमारी की सौगात दे सकती है। ऐसे में इसे खरीदने से बचना ही बेहतर होगा।
रंगीन कचरी में बड़े पैमाने पर रंगों का प्रयोग किया जाता है। देखने पर तो ये साधारण कचरी से अच्छी लगती है, लेकिन उसके दुष्प्रभाव मानव शरीर पर पड़ते हैं। इसलिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन भी रंगीन कचरी की बिक्री को रोकने के साथ ही लोगों को इसकी खरीदारी न करने के लिए जागरूक कर रहा है।
कार्सिनोजेनिक होते हैं रंग
खाद्य पदार्थों में प्रयोग होने वाले रंग कार्सिनोजेनिक होते हैं। इसकी अत्यधिक मात्रा का सेवन शरीर में कैंसर को जन्म देता है। इससे पाचन तंत्र भी प्रभावित होता है। रंगीन कचरी की बिक्री करना प्रतिबंधित है। कहीं भी अगर इसकी बिक्री हो रही है तो इसे जब्त कर कार्रवाई होगी। लोग भी रंगीन कचरी की खरीदारी न करें।
रामसुंदर पटेल, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।