बड़ी होली का रसिया दंगल
बड़ी होली में रसिया दंगल को सुनने के लिए शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी लोग आते हैं। पार्टियों के बीच जोरदार मुकाबला होता है। दंगल रातभर चलता है। बड़ी होली के निवासी विश्वनाथ पचौरी ने बताया कि पचास साल पहले रसिया दंगल का पहला मुकाबला हुआ था। बाद में यह परंपरा में शामिल हो गया। अब यह होली से दो दिन पहले होता है।
वसंत पंचमी पर भगवान वराह संग होली
वसंत पंचमी पर भगवान वराह के संग होली खेलने की परंपरा है। वराह मंदिर सोरों के महंत विदेहानंद गिरी ने बताया कि भक्त वसंत पंचमी पर भक्त भगवान को गुलाल लगाते हैं। आपस में गुलाल खेलते हैं। मंदिर में कीर्तन होता है। पान को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। राधा कृष्ण मंदिर, रघुनाथ मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर में भी इस दिन होली खेली जाती है।
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बड़ी होली में सौ साल पुरानी परंपरा
बड़ी होली में होली रखने की परंपरा सौ साल से अधिक पुरानी है। पहले यहीं होली जलाई जाती है। शहर के तमाम हिस्सों से लोग यहां आकर पूजा अर्चना करते हैं। यहां से आग ले जाकर अपने घरों में होली जलाते है। - प्रेम चंद्र मिश्रा एडवोकेट, निवासी बड़ी होली