होली पर इस बार गज-केसरी और त्रिपुष्कर योग बन रहे हैं। होलिका का दहन होते ही दोनों शुभ योग लग जाएंगे। शहर में एक हजार स्थानों पर होलिका का दहन किया जाएगा। रविवार को जगह जगह होलिका सजा दी गई।
गजकेसरी योग में मान सम्मान मिलता है। गज यानी हाथी और केसरी यानी सिंह। धर्माचार्यों का कहना है कि आप मान सम्मान देंगे तो आपको भी मिलेगा। होली का एक संदेश भी यही है कि सभी की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। त्रिपुस्कर योग में जो भी काम किया जाता है, वह वर्ष भर में तीन बार होता है। इसलिए होली पर शुभ कार्य अधिक से अधिक करें ताकि वे तीन बार हों।
होलिका पूजन : दोपहर 1:10 बजे से शाम 6:40 बजे तक
आगरा। होलिका पूजन का शुभ मुहूर्त दोपहर एक बजकर दस मिनट से शाम छह बजकर चालीस मिनट तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि होलिका पूजन के लिए महिलाएं सज संवरकर समूह में घरों से निकलती हैं। जल का लोटा लेकर परिक्रमा करती हैं।
हल्दी, रोली, जौं, गुझिया से पूजन कर भोग लगाया जाता है। उनका कहना है कि एक या पांच परिक्रमा कर बच्चों की सुख समृद्धि की कामना कर होलिका को प्रणाम किया जाता है। इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का भी स्मरण कर सुख समृद्धि की कामना करनी चाहिए।