ब्रज की होली की धूम देश ही नहीं विदेशों तक में रहती है। मथुरा के मंदिरों में तो वसंत पंचमी से होली शुरू हो जाती है। दूर-दराज से आने वाले कृष्ण भक्त भगवान के साथ होली खेलते हैं। ब्रज तीर्थ विकास परिषद भी रंगोत्सव करा रहा है।
इस बार ब्रज में रंगोत्सव 2019 पूरे 10 दिन का होगा। 13 मार्च को ब्रजभाषा कवि सम्मेलन के साथ इसकी शुरूआत होने जा रही है। 22 तक होने वाले आयोजनों का कलेंडर भी ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने जारी कर दिया है।
दंगल, रसिया-भजन गायन के साथ फाग के लिए भी कई ग्रुप पहुंचेंगे। इन आयोजनों में शामिल होने के लिए प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी आ रहे हैं। जिसकी सभी तैयारियां कर ली गईं हैं, वहीं आयोजन स्थलों को भव्य रूप से सजाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रंगोत्सव पर जो भी कार्यक्रम होने जा रहे हैं उनके बारे में जिम्मेदारियां दे दी गई हैं। इस संबंध में 6 मार्च को प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है।
यह होंगे आयोजन
- ब्रजभाषा कवि सम्मेलन
- अखिल भारतीय कवि सम्मेलन
- तीन दिवसीय दंगल
- रसिया-भजन गायन
- फाग गायन
मंदिरों में गूंज रहे होली गीत
उधर, मथुरा, वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन के मंदिरों में होली गीतों की गूंज है। प्रतिदिन हजारों भक्त अपने आराध्य संग होली खेलने आ रहे हैं। राधारानी की जन्मस्थली बरसाना में यूं तो वसंत से ही होली महोत्सव की शुरूआत हो चुकी है, लेकिन महाशिवरात्रि पर लठामार होली की प्रथम चौपाई मंगलवार को निकाली गई।
ऐसो उड़ रहो अबीर गुलाल यामै खोये गयौ श्यामरौ प्यारौ... पद के साथ प्रेम भरी लठामार होली की शुरुआत हो गई। बरसाना के गोस्वामीजनों ने शाम को मृदंग, झांझ, ढप की धुन और थाप पर नाचते गाते संध्या आरती कर होली की प्रथम चौपाई निकाली। चौपाई के दौरान अबीर गुलाल उड़ाया गया।