मैनपुरी। जिला एतिहासिक विरासतों को अपने दामन में समेटे हुए है। शहर में महाराजा तेजसिंह के किले से लेकर औंछा में च्यवन ऋषि आश्रम, समान पक्षी विहार समेत अनगिनत पौराणिक स्थल हैं। इन्हें विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिले से लगातार मांग उठती रही है, लेकिन कभी सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अब लोगों को एक बार फिर बजट में पर्यटन की कोई योजना की घोषणा की उम्मीद जगी है। उन्हें उम्मीद है कि बजट में कुछ न कुछ सरकार इस बार मैनपुरी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कर सकती है।
रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
मैनपुरी में पर्यटन को बढ़ावा मिलने से दोहरा फायदा होगा। पौराणिक स्थलों के विकसित होने से जिले की पहचान होगी। साथ ही पर्यटन बढ़ने से जिले के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
लोगों की बात
जिले में वैसे ही रोजगार के मौके कम हैं, ऐसे में अगर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए तो हर वर्ग को रोजगार मिलेगा। बाहर से जब लोग आएंगे तो होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन आदि से लोगों को रोजगार मिलेगा।
- शीलेंद्र दुबे, अजीतगंज
इतिहास से जुड़े अनगिनत स्थल मैनपुरी में हैं। इन्हें विकसित करने के लिए सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। हर बार प्रदेश और केंद्र की सरकारें इसे अनदेखा करती रही हैं। इस बार सरकार देखते हैं क्या करती है।
सौरभ शाक्य, बड़ी नगरिया
सरकार को हर हाल में इस बार पर्यटन के लिए बजट में प्रावधान करना चाहिए। इससे केवल मैनपुरी ही नहीं अन्य जिलों में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों के आने से जिले की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।
अवनीश अग्निहोत्री, अजीतगंज
मैनपुरी ऋषियों की तपोभूमि रही है। ऐसे में यहां पर्यटन को विकसित करने के मौके हैं। सरकार अगर ध्यान दे तो काफी हद तक पर्यटन को विकसित किया जा सकता है। इस बार जरूर पर्यटन के लिए घोषणा होने की उम्मीद है।
नीतेश श्रीवास्तव, आगरा रोड