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देश की एकता और अखंडता में हिंदी की भूमिका अहम

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मैनपुरी। पूरे विश्व में भारत को विविधताओं के बावजूद उसकी एकता और अखंडता के लिए जाना जाता है। इस एकता और अखंडता को कायम रखने में हिंदी का बड़ा योगदान है। वैसे तो हमारे देश में कई भाषाएं बोली जाती हैं, लेकिन हिंदी इसमें सबसे अधिक बोली जाने वाली और दिलों को छूने वाली भाषा है।
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हिंदी में संवाद और हिंदी साहित्य ने हमें अपने इतिहास और परंपराओं के जरिए एक दूसरे से जोड़कर रखा है। हिंदी को भावों की भाषा कहा जाए तो गलत नहीं होगा। हिंदी में हर भाव को प्रदर्शित करने के लिए बेहतर शब्द हैं। ये शब्द भाव ही देश को जोड़ने का काम कर रहा है। यह कहना है कि शहर के शिक्षकों का। उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप पर आयोजित संवाद में हिंदी पर अपनी राय रखी।
वास्तव में हिंदी का अपना अलग ही महत्व है। इसका एक छोटा सा उदाहरण है कि हम हिंदी में बड़ों को आप और छोटों को तुम कहते हैं, जो सम्मान को प्रदर्शित करता है। जबकि अंग्रेजी में दोनों के लिए एक ही शब्द है।
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-राकेश कुमार, शिक्षक
हिंदी का अपार भंडार है, यूं समझिए अब तक हममें से अधिकांश लोगों ने सागर की बस चंद बूंदें ही चखी हैं। हिंदी साहित्य का अध्ययन करने वाले लोग इस अथाह सागर के महत्व को समझते हैं और इसे आगे बढ़ाते हैं।
-कृष्ण कुमार, प्रधानाध्यापक
पूरे विश्व में आज कई देशों में हिंदी भाषा बोली जाने लगी है, लेकिन फिर भी विदेशों में कोई हिंदी बोलता मिले तो सबसे पहले उसके भारतीय होने का ख्याल ही दिल में आता है। यहीं हिंदी और भारत का अटूट संबंध है।
-पूनम गुप्ता, शिक्षिका
देश के अलग-अलग राज्यों में भले ही हिंदी के अलावा अन्य क्षेत्रीय भाषाएं बोली जाती हैं, लेकिन फिर भी वहां हिंदीभाषी मिल जाते हैं। वहीं हिंदी भाषी प्रदेशों में पहुंचकर वे हिंदी बोलना सीख जाते हैं। क्योंकि हिंदी हमारे खून में है।
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-विनोद कुमार, शिक्षक
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