राशन के लिए सिकंदरा के ककरैठा गांव की महिलाओं ने बुधवार सुबह तकरीबन 11:15 बजे दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के सामने र्हाईवे जाम कर दिया। उन्होंने दुकानदार पर कम खाद्यान्न देने, अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। आधा घंटे चले प्रदर्शन के दौरान वाहनों की कतार लग गई। पास ही स्थित चाय का खोखा बंद करा दिया गया। पुलिस ने बमुश्किल जाम खुलवाया। पूर्ति विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद महिलाएं वापस लौटीं।
बड़ी संख्या में महिलाएं हाईवे पर पहुंच गईं थीं। पहले तो उन्हाेंने सिकंदरा से भगवान टाकीज की ओर जाने वाले यातायात को रोका। इसके बाद तुरंत बाद ही 11:35 बजे दूसरा रोड भी जाम कर दी। 11:45 बजे पहुंची पुलिस ने भीड़ को डंडे फटकार कर भगाया। पुलिस की सूचना पर पूर्ति विभाग के दो क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पहुंच गए। महिलाओं ने आरोप लगाया कि 300-300 रुपये लेकर राशन कार्ड के लिए आवेदन कराए गए थे। अभी तक कार्ड नहीं मिला नहीं।
कई महिलाओं का आरोप था कि उनके कार्ड पर पांच से सात यूनिटें दर्ज हैं, लेकिन दुकानदार वेदप्रकाश महज तीन यूनिटों के लिए राशन देते हैं। कुछ कहने पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। यह भी बताया गया कि अपात्रों को पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड जारी किए गए हैं। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी बीपी गौतम और वेदप्रकाश ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि उनके यहां खुली बैठकें करके अपात्रों के नाम सूची से हटवाए जाएंगे। महिलाओं को आवेदन फार्म भी दिए गए। दुकानदार पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
‘दुकानदार की जो भी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उसकी जांच कराई जाएगी। क्षेत्र में खुली बैठक कर अपात्रों के नाम कटवाकर पात्रों को शामिल कराया जाएगा।’
- बीके शुक्ल, जिला पूर्ति अधिकारी
जल्दबाजी में एनएफएसए लागू करना पड़ रहा भारी
पूर्ति विभाग को जल्दबाजी में खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) लागू करना भारी पड़ रहा है। पात्र गृहस्थियों की सूची में बड़ी संख्या में अपात्रों को शामिल कर लिया गया। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने खुली बैठक करके 30 जून तक सूची में सौ फीसदी संशोधन करने के निर्देश दिए हैं।
जिले के आंकड़े एक नजर में
6,93,508 परिवारों को पात्र गृहस्थी का कार्ड
65,893 के आधार कार्ड संख्या व मुखिया के नाम की डुप्लीकेसी
50000 से अधिक अपात्र सूची में शामिल होने की संभावना
पात्र गृहस्थियों को ये मिलता है लाभ
पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड पर गेहूं दो रुपये प्रति किलो की दर से 3.5 किलोग्राम प्रति यूनिट और चावल तीन रुपये प्रति किलो की दर से 1.5 किलोग्राम प्रति यूनिट दिया जाता है।
सस्ते दर पर राशन न मिलने से बढ़ रहा रोष
- 17 मई को रोहता गांव के लोगों ने उचित दर दुकानों से राशन न मिलने पर नगला पद्मा में दो घंटे ग्वालियर रोड पर जाम लगाया था।
- 10 जून को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाओं ने राशन के लिए जिला पूर्ति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पात्र गृहस्थी का कार्ड न होने से इनको जनवरी से राशन नहीं मिल रहा है।