आगरा। चंबल सेंक्चुअरी क्षेत्र और आसपास के तटीय इलाकों में अवैध बालू खनन तथा उसके परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। चंबल क्षेत्र के चिह्नित परिवहन मार्गों पर 24 घंटे निगरानी के लिए हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
सुप्रीम के सख्त निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन और वन विभाग ने खनन टास्कफोर्स की बैठक में कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया। योजना के तहत चंबल सेंक्चुअरी के सबसे संवेदनशील तीन प्रमुख स्थलों पर उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों के जरिये गुजरने वाले प्रत्येक वाहन की लाइव निगरानी की जाएगी।
मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष कमांड सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है। इस सेंटर में तैनात टीम दिन-रात बालू लदे वाहनों और अवैध गतिविधियों पर नजर रखेगी। यूपीडेस्को की मदद से परियोजना के लिए तैयार किए गए तकनीकी और वित्तीय प्रस्ताव पर जिला प्रशासन मंथन कर रहा है।
जल्द ही इस प्रस्ताव को शासन को भेजकर वित्तीय मंजूरी व बजट व्यवस्था कराकर कैमरे लगाने का काम शुरू किया जाएगा। डीएम मनीष बंसल ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही कैमरे लगाए जाएंगे ताकि अवैध खनन की निगरानी कर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
जलीय जीव भी होंगे सुरक्षित
भारत सरकार के जेम पोर्टल के माध्यम से निविदा आमंत्रित कर कंपनी का चयन किया जाएगा। बजट स्वीकृत होते ही कैमरों और नेटवर्किंग की स्थापना का काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे न केवल अवैध खनन पर स्थायी नकेल कसेगी, बल्कि चंबल नदी में पाए जाने वाले दुर्लभ घड़ियालों, मगरमच्छों और डॉल्फिन के प्राकृतिक आवास को भी सुरक्षा मिलेगी।