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UP: ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध किसानों को मिला स्टे

Thu, 04 Jun 2026 08:17 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाले किसानों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने अगली सुनवाई तक विवादित जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश देते हुए एडीए से तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
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ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट को देखते सीएम योगी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के इनर रिंग रोड स्थित रायपुर और रहनकलां में निर्माणाधीन ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट खटाई में फंस सकता है। भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध किसानों को हाईकोर्ट से फौरी राहत मिल गई है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए विवादित संपत्ति पर अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है।
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हाईकोर्ट ने जवाबी हलफनामा पेश करने के लिए एडीए को तीन सप्ताह का समय दिया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति कुणाल रवि सिंह की खंडपीठ ने कमलेश बाबू बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व 4 अन्य रिट-सी संख्या 13034/2026 के मामले में 27 मई, 2026 को यह आदेश पारित किया।

याचिकाकर्ता दलेल नगर निवासी कमलेश बाबू की मौजा रहनकलां खसरा संख्या 169 और 166 में रकबा करीब सवा छह कच्चे बीघा जमीन 2009-10 में अधिग्रहीत की थी। कमलेश बाबू ने बताया कि जमीन लेने के 17 साल बाद हमें 1200 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि एडीए इस जमीन को 33 हजार रुपये वर्ग मीटर बेच रहा है। 2014 में अखिलेश सरकार में थीम पार्क के लिए 1902 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा वितरित हो चुका है। उन्होंने बताया कि एडीए जबरन जमीन पर कब्जा लेना चाहता है। इसके विरोध में 20 से अधिक किसानों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
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सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि इस मामले में अभी तक प्राधिकरण की ओर से कोई भी जवाबी हलफनामा दाखिल नहीं किया गया है। जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जवाब दाखिल करने के लिए इसके बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।

संपत्ति से छेड़छाड़ या कार्रवाई पर रोक
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए एडीए को निर्देश दिए हैं कि जब तक इस मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक संबंधित संपत्ति के संदर्भ में दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखेंगे न्यायालय ने इस मामले को प्राथमिकता देते हुए अगली सुनवाई के लिए 8 जुलाई तय की है।

मुख्यमंत्री ने किया था शिलान्यास, हो चुके टेंडर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट का शिलान्यास पिछले महीने किया था। 6,700 करोड़ की इस योजना में 4,000 से अधिक आवासीय भूखंड व ग्रुप हाउसिंग होंगे। 10 नदियों के नाम पर टाउनशिप बनाई जाएंगी। इसके सिविल कार्यों के लिए एडीए 150 करोड़ रुपये से अधिक के टेंडर दे चुका है।
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