उत्तर प्रदेश के आगरा में स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट रविकांत ने थाना जगदीशपुरा के एक मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर फुलर्टन फाइनेंस कंपनी, संजय प्लेस के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमे के आदेश किए हैं। इसमें धोखाधड़ी, घर में घुसकर मारपीट, चौथ मांगने और दलित उत्पीड़न के आरोप हैं।
भीम नगर, जगदीशपुरा निवासी हिमांशु ने अधिवक्ता सुरेश चंद सोनी के माध्यम से स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट रविकांत की कोर्ट में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया था। इसमें कहा कि वो अनुसूचित जाति से हैं। पिछले कई साल से जूता बनाकर बिक्री करते हैं। उनके पास फुलर्टन फाइनेंस कंपनी, संजय प्लेस आगरा का पर्सनल लोन के लिए फोन आया। उनके हां बोलने पर कंपनी ने 4 लाख का लोन जून 2019 में दे दिया। वर्ष 2020 में लॉकडाउन होने पर काम बंद हो गया। इसके बावजूद उन्होंने लोन की किस्त प्रतिमाह अदा कीं।
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कंपनी के प्रबंधक राहुल तिवारी, सह प्रबंधक गौरव, कर्मचारी अमित शर्मा एवं कुलजीत सहित दो अज्ञात ने 10 किस्तें लेकर रसीद नहीं दीं। जब रसीद मांगी तो कहा कि मैसेज आ जाएगा। इन लोगों ने झूठ बोलकर धोखाधड़ी करते हुए 10 किस्तों के रुपये हड़प लिए। अचानक फाइनेंस कंपनी ने ब्याज की दर बढ़ा दी। कुछ किस्त बाकी रहने पर 24 किस्त बता दीं।
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22 जुलाई 2021 को 2:30 बजे आरोपी अमित शर्मा अपने साथ तीन चार अज्ञात लोगों को लेकर आया। गाली-गलौज की, जाति सूचक शब्द बोले। चैंबर में घुसकर मारपीट की। इसके बाद रुपये मांगने लगे। वादी से कहा कि अब उसे 24 नहीं 50 किस्त भरनी पड़ेंगी।
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शोर सुनकर उनके कर्मचारी लोग आ गए। आरोपी अपहरण कर हत्या की धमकी देकर चले गए। प्रार्थनापत्र स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट की ओर से खारिज कर दिया गया। तब वादी ने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में शरण ली। हाईकोर्ट ने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।