राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 2002 की धारा 35 में हाईवे प्रशासन को अधिकार प्राप्त है कि वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने की स्थिति में शहर के भीतर भारी वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश को विनियमित या प्रतिबंधित किया जा सकता है। आयोग ने हाईवे प्रशासन को इसके तहत आवश्यक अधिसूचना जारी करने के लिए निर्देशित किया था, जिससे वाहन उत्तरी बाईपास से निकलें।
आगरा में करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बना 14 किलोमीटर लंबा उत्तरी बाईपास 4 दिसंबर, 2025 से शुरू हो चुका है। इसके बावजूद आगरा में न रुकने वाले भारी वाहनों का आगरा में अंदर प्रवेश जारी है। शहर के बीच से वाहन गुजरने के कारण हादसों में लोगों की जान जा रही है। इस मामले में उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने एनएचएआई से स्पष्टीकरण और पुन: अनुपालन आख्या तलब की है। अगली सुनवाई 17 मई को होगी।
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उत्तरी बाईपास से वाहनों के न गुजरने का मुद्दा वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता केसी जैन ने उठाया था। इस पर उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने 6 फरवरी को सुनवाई की। इसमें स्वीकार किया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग (भूमि एवं यातायात का नियंत्रण) अधिनियम 2002 की धारा 35 में हाईवे प्रशासन को अधिकार प्राप्त है कि वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने की स्थिति में शहर के भीतर भारी वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश को विनियमित या प्रतिबंधित किया जा सकता है।
आयोग ने हाईवे प्रशासन को इसके तहत आवश्यक अधिसूचना जारी करने के लिए निर्देशित किया था, जिससे वाहन उत्तरी बाईपास से निकलें। एनएचएआई से 16 मार्च तक रिपोर्ट मांगी गई थी। मगर 17 मार्च तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। इस पर आयोग ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि वे अनुपालन सुनिश्चित करते हुए कारण स्पष्ट करें। 6 मई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
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बिना रुके मथुरा से कुबेरपुर तक पहुंचेंगे
अधिवक्ता ने बताया कि उत्तरी बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ता है। यह एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग है, जिसका उद्देश्य शहर में अनावश्यक भारी वाहनों के प्रवेश को कम करना है। इसकी दूरी 14 किलोमीटर है। यमुना एक्सप्रेसवे पर आने के बाद 24 किलोमीटर की दूरी कुबेरपुर तक पहुंचने के लिए तय करनी होती है। इससे बिना रुकावट 38 किलोमीटर चला जा सकता है। वहीं एनएच-19 से होकर जाने पर दूरी भले ही 34 किलोमीटर हो, लेकिन रेड लाइट, चौराहे और बार-बार लगने वाले जाम यात्रा को जोखिमपूर्ण बना देते हैं। शहर से लगभग 1.50 लाख वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं।