मैनपुरी। तीन दिनों से जारी रिमझिम बारिश बृहस्पतिवार को झमाझम में बदल गई। सुबह से ही शहर से लेकर देहात तक रुक-रुककर बारिश होती रही। दिन के आठ घंटे में 65 मिमी के करीब बारिश हुई। इससे शहर से लेकर देहात तक जलभराव के हालात बन गए। इससे लोगों को परेशानी भी हुई। अब लोग बारिश बंद होने की प्रार्थना कर रहे हैं। हालांकि पूर्वानुमान के अनुसार अभी और बारिश होने की आशंका बनी हुई है।
जिले में अब तक रिमझिम बारिश हो रही है, इससे मौसम ठंडा होने के साथ ही कोई नुकसान भी नहीं था। लेकिन बुधवार को सुबह से ही अचानक मौसम बदल गया। घने बादल छाने के साथ ही सुबह दस बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई। देहात क्षेत्र से शुरू हुई बारिश धीरे-धीरे शहर में भी रफ्तार पकड़ने लगी। दिन भर रुक-रुककर झमाझम बारिश होती रही। इससे शहर के कई मोहल्लों में जलभराव के हालात उत्पन्न हो गए। शहर के मुख्य मार्ग आगरा बाईपास फोरलेन पर कई जगह एक फीट तक जलभराव हो गया। जलभराव के बीच पैदल लोगों को बाइक सवारों को निकलने में परेशानी हुई। वहीं, शहर की अगर बात करें तो यदुवंश नगर, नगला रते, राजीव गांधी नगर, बृज कॉलोनी, मोहल्ला शिवलाल और न्यू अग्रवाल समेत अन्य मोहल्लों में गलियां पानी से लबालब हो गईं। घरों से निकलने में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यदुवंश नगर और नगला रते में ये तो पानी घरों में भी घुसने लगा। पानी घरों में घुसने से सामान भी भीग गया। दिन भर लोग घरों से पानी निकालते नजर आए। लेकिन बारिश जारी रहने से उन्हें राहत नहीं मिल सकी। दिन में कुल 65 मिमी के करीब बारिश हुई। वहीं मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार 25 सितंबर तक बारिश की आशंका बनी हुई। अगर आगे भी बारिश जारी रहती है तो लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।
देहात में भी जलभराव से बिगड़े हालात
शहर के साथ-साथ देहात क्षेत्र में भी जलभराव से हालात बिगड़ गए। किशनी में तेज बारिश के चलते थाना परिसर में ही पानी भर गया। थाने में तैनात पुलिसकर्मी इसी पानी के बीच बैठने के लिए मजबूर हैं। वहीं किशनी के मोहल्ला हवेली की मुख्य गली में एक फीट से अधिक पानी भर गया है। इससे नाली और गली एक हो गई है। लोगों के घरों में भी यहां पानी भर गया। वहीं भोगांव, औंछा, करहल, बिछवां आदि क्षेत्रों में भी जलभराव से लोग परेशान नजर आए। कच्ची गलियां तो बारिश में और भी बड़ी मुसीबत बन गईं।
नवीन मंडी में प्रभावित रहा कारोबार
बारिश के चलते नवीन मंडी में भी कारोबार प्रभावित रहा। जो किसान बुधवार को सुबह अपनी उपज बेचने के लिए पहुंचे थे, वे भी बारिश के कारण परेशान नजर आए। दरअसल नवीन मंडी में खुले चबूतरों पर फसलों की नीलामी होती है। लेकिन बारिश होने से यहां नीलामी नहीं हो सकी। किसान कहीं फसलों को बारिश से बचाने के लिए पॉलिथीन डालते नजर आए तो कहीं फसल से भरे बोरे भीगते रहे।
धान की फसल के लिए अब नुकसानदेह
बारिश जिले में बड़े पैमाने पर धान की खेती की जाती है। वर्तमान में खेतों में धान की फसल खड़ी है, जिसमें बाल निकल रही है। पहले हुई बारिश तो सूख रही धान की फसल के लिए फायदेमंद साबित हुई। लेकिन अब फसल में अधिक पानी भरने और हवाएं चलने से धान की फसल पर भी खतरा मंडराने लगा है। हवा के चलने से पानी में ही धान की फसल गिर जा रही है, इससे बाल में दाना ही नहीं आएगा और उत्पादन प्रभावित होगा।