कासगंज। गर्मी ने इस बार 12 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। शुक्रवार को पारा 43 डिग्री पर जा पहुंचा। दिन निकलने के साथ ही सूर्यदेव आग उगलने लगे। दिन भर गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे लोगों को काफी दिक्कत हो गई।
जिला में वर्ष 2010 में अप्रैल माह के पहले सप्ताह में सबसे अधिक गर्मी पड़ी। इस साल आठ अप्रैल को अधिकतम पारा 41 डिग्री पर पहुंचा था, जबकि न्यूनतम पारा 24 डिग्री पर रहा। इसके बाद से लेकर वर्ष 2021 तक के वर्ष में इतनी गर्मी इस अवधि में नहीं पड़ी। अधिकतम पारा 34 से 40 के बीच बना रहा। वर्ष 2022 में होली के बाद से ही मौसम ने अपनी तल्खी दिखानी शुरू कर दी। पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया। अप्रैल माह के शुरू होते ही पारा 40 डिग्री को पार करने लगा। पिछले दो दिनों तक अधिकतम पारा 42 डिग्री पर बना रहा, लेकिन शुक्रवार को पारे ने इस रिकार्ड को भी तोड़ दिया। अधिकतम पारा 43 डिग्री तक जा पहुंचा। वहीं न्यूनतम पारा 26 डिग्री पर रहा। इसी के साथ तेज हवाएं चलती रही। 17 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से गर्म हवाएं चली। 12 साल में अप्रैल के पहले सप्ताह में पड़ रही इतनी गर्मी ने लोगों को अभी से चिंता में डाल दिया है। मई जून में भयंकर गर्मी पड़ने की आशंका से चिंतित हैं। मौसम में गर्मी की अधिकता को देखते हुए लोग तेज धूप से बचने के लिए घरों से छाता लेकर निकले। तो वहीं तमाम लोग अपने शरीर व चेहरे को ढक कर बाहर निकलते देखे गए। गर्मी की अधिकता से व्याकुल लोगों की भीड़ शिकंजी, गन्ना रस, लस्सी, कोल्ड ड्रिंक्स की दुकानों पर नजर आई। मौसम में बढ़ रही गर्मी से हीट स्ट्रोक का खतरा भी तेजी से बढ़ने लगा है।
वर्ष अधिकतम पारा न्यूनतम पारा
2010 -41-24
2011-35-20
2012-38-24
2013-38-24
2014-39-26
2015-34-25
2016-39-28
2017-37-24
2018-37-25
2019-38-28
2020-40-26
2021-35-19
हीट स्ट्रोक के लक्षण
- सिर में तेज दर्द होना
- चक्कर आना
- गर्मी के बावजूद पसीना न आना
- लाल, गर्म और सूखी स्कीन होना
- मांसपेशियों में कमजोरी लगना या ऐंठन का अनुभव
- मतली और उल्टी आना
- धड़कन का तेज होना, घबराहट और बेचैनी
- दौरे आना, बेहोशी की हालत होना
हीट स्ट्रोक से बचने के उपाय
- एक्सरसाइज करने से पहले और बाद में पानी जरूर पीए,
- फल के जूस, गन्ना का रस, शिकंजी का सेवन करें
- दिन में कम से कम दो लीटर पानी पीएं
- हल्का व तरल पौष्टिक भोजन खाएं, ककड़ी, तरबूज, नारियल, बेल का सेवन करें
- हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहने
- दोपहर के समय तेज धूप में निकलने से बचें
- शराब, मीठे पेय और बहुत अधिक कैफीन लेने से बचें
-बिना वेंटिलेशन वाली गाड़ी में बच्चों या बड़े बुजुर्गों को कभी न छोड़ें।
डायरिया, पेट दर्द के बढ़ने लगे मरीज
कासगंज। जिला अस्पताल में 1500 मरीज प्रतिदिन इलाज को पहुंच रहे हैँ। इनमें बढ़ी संख्या में मरीज डायरिया, पेट दर्द आदि की शिकायत के भी पहुंच रहे है। इसके साथ ही वायरल फीवर के मरीजों की संख्या अच्छी खासी है।
हीट स्ट्रोक से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत अस्पताल ले जाएं।जब तक चिकित्सा सहायता नहीं मिलता तब तक ठंडी जगह में रखें, धीरे धीरे शरीर को बर्फ के पैक से ठंडा करें, ठंडा स्प्रे करें या ठंडे पानी से स्पंज करें- डा. अनिल कुमार, सीएमओ