मंत्री की बुद्धि शुद्धि के लिए तहसील में हवन करते अधिवक्ता
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रजिस्ट्री दफ्तर में निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को चौथे दिन भी अधिवक्ता, कातिब व स्टांप वेंडर्स हड़ताल पर रहे। रजिस्ट्री दफ्तर में न कोई बैनामा हो सका। न किसी लेखपत्र की नकल जारी की गई। एसडीएम व तहसीलदार सहित विभिन्न न्यायालयों में राजस्व वादों की सुनवाई भी ठप रही।
सदर तहसील में पांच रजिस्ट्री दफ्तर हैं। इनमें फ्रंट ऑफिस कार्य निजी एजेंसी को सौंपने की तैयारी चल रही है। विरोध में सदर तहसील बार एसोसिएशन के आह्वान पर अधिवक्ता, कातिब और स्टांप वेंडर्स आंदोलित हैं। बृहस्पतिवार को हड़ताल के चौथे दिन अधिवक्ताओं ने स्टांप एवं पंजीयन मंत्री की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन किया।
एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला और सहायक महानिरीक्षक एके सिंह हड़ताल खत्म कराने के लिए वार्ता की। पर, अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय किया। महासचिव अरविंद कुमार दुबे ने कहा कि जब तक शासन स्तर से लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा हड़ताल खत्म नहीं होगी। इस दौरान राधा यादव, श्रीकृष्ण दीक्षित, दिव्यांश पांडेय, कृष्ण मुरारी दीक्षित, विमल तिवारी, दिनेश चंद्र शर्मा, लाल बहादुर राजपूत, सतीश अग्रवाल, राम उपाध्याय, श्याम सुंदर शर्मा, निशांत चतुर्वेदी आदि रहे।