अभिनेत्री की अधिवक्ता ने कोर्ट में प्रार्थना प्रस्तुत किया। आरोप है कि शिकायतकर्ता रमाशंकर शर्मा को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम पर बहस और फाइल चिह्नित करने की अनुमति दी गई। जिसे वादी के लिए महत्वपूर्ण लाभ बताया गया।
भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत की अधिवक्ता ने एमपी-एमएलए अनुज कुमार की कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। शिकायतकर्ता को अनुचित लाभ देने का आरोप लगाया और 30 अप्रैल रिवीजन में आदेश न देने का आग्रह किया। जवाब के लिए समय मांगा है।
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कंगना की अधिवक्ता ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। कहा कि 3 अप्रैल को अंतिम बहस समाप्त हुई थी और 16 अप्रैल आदेश की तिथि थी। उस दिन कोई आदेश नहीं हुआ। आरोप है कि शिकायतकर्ता रमाशंकर शर्मा को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम पर बहस और फाइल चिह्नित करने की अनुमति दी गई। जिसे वादी के लिए महत्वपूर्ण लाभ बताया गया। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख था कि रिवीजन न्यायालय ने 29 नवंबर 2025 को केवल अभिलेख पर उपलब्ध तथ्य और साक्ष्य के आधार पर निस्तारण का निर्देश दिया था।
उसके बाद भी वादी ने 3 अप्रैल अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत किए जिन्हें स्वीकार कर लिया गया। कंगना की अधिवक्ता ने इन नए दस्तावेजों पर विस्तृत जवाब देने के लिए पर्याप्त समय कर मांग की है। वादी ने कहा कि 16 अप्रैल को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम पर न कोई बहस हुई, न कोई टिप्पणी। केवल महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर निशान लगाए गए थे। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 30 अप्रैल को ही विपक्षी के प्रार्थना पत्र पर आदेश पारित करने का निर्देश दिया था।