भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत द्वारा छात्रों को गटर जेनरेशन कहने और उनके अभिभावकों का अपमान करने के आरोप में उनके खिलाफ दायर वाद में शुक्रवार को एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। वादी पक्ष की तरफ से अधिवक्ताओं ने साक्ष्य पेश कर अपना पक्ष रखा। मामले में अगली सुनवाई 3 सितंबर, 2026 को होगी।
राजीव गांधी बार के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने परिवाद दायर कर आरोप लगाया है कि नीट और अन्य परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से करोड़ों छात्र आहत हुए हैं। कई छात्रों ने तनाव में आकर आत्महत्या भी कर ली। इन घटनाओं के विरोध में हजारों छात्रों ने दिल्ली जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था।
20 जुलाई 2026 को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, और आंसू गैस के गोले दागकर गोलियां चलाईं। कई छात्र घायल हुए थे। विपक्षी नेताओं ने छात्रों का समर्थन किया, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। कंगना रणौत ने 27 जुलाई, 2026 को सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था मैंने अपनी जिंदगी में कभी किसी एक जगह पर इतना भद्दापन व गंदगी नहीं देखी। ऐसे वीडियो देखकर मुझे उबकाई आती है। उन्होंने छात्रों को गटर जेनरेशन बताते हुए उनकी परवरिश पर सवाल उठाए थे। परिवाद में कहा गया है कि इन टिप्पणियों से छात्रों, उनके अभिभावकों और परिवादी की भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं।