वायरल फीवर से चार और मरीजों ने दम तोड़ दिया। इस तरह से मौत का आंकड़ा 29 पहुंच गया है। कुर्राचित्तरपुर के गांव सिंगेचा में दर्जन भर परिवारों में वायरल फीवर के मरीज हैं। लगातार मौत होने पर भी स्वास्थ्य विभाग सोया हुआ है। गांव में फैल रहे वायरल फीवर की शिकायत डीएम से की गई, तब जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। मरीजों का इलाज कराया। जांच कराने के लिए रक्त के नमूने भी लिए हैं। शुक्रवार रात सिंगेचा निवासी महेंद्र सिंह के पुत्र राजू (20) और शनिवार सुबह रामजीलाल के पुत्र मोहित (9) की मौत हो गई। पूर्व प्रधान महावीर सिंह ने बताया कि सीएचसी-पीएससी पर दवाएं तक नहीं, मरीजों का इलाज नहीं मिल रहा। मजबूरी में झोलाछाप के पास इलाज करा रहे हैं।
अछनेरा के गांव अर्रुआ खास में राजेंद्र प्रसाद पाराशर (42) को एक माह से बुखार आ रहा था। शनिवार को भरतपुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। फतेहाबाद में निबोहरा के ग्राम नेहरी का पुरा में शुक्रवार रात लाखन सिंह (60) की मौत हो गई। वे पिछले सात दिन से बीमार थे।
30 मौत, स्वास्थ्य विभाग हुआ लाचार
भले ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी डेंगू-वायरल फीवर के मामलों को सामान्य बता रहा हो, लेकिन एक के बाद एक मौत पर विभाग कुछ भी कहने से बच रहा है। इधर, आगरा में अभी तक 29 की मौत हो चुकी है। एक मौत डेंगू के चलते हुई है। सीएमओ डा. बीएस यादव का कहना है कि कुछ मौत प्राकृतिक भी हैं, वायरल फीवर की सूचना मिलने पर टीम भेजकर इलाज कराया जा रहा है, सैंपल भी लिए जा रहे।