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कोरोना की जंग में निमोनिया और डायरिया दे रहा चुनौती

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04एमएनपी-13-जिला अस्पताल में खाना वितरित करते एआरटीओ राजेश कर्दम - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। देश और जिला आज कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है। इसी बीच निमोनिया और डायरिया चुनौती दे रहा है। पिछले चार दिनों में निमोनिया और डायरिया से पांच मरीजों की मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल की ओपीडी बंद है, वहीं निजी अस्पतालों में भी कोरोना वायरस के भय के चलते स्वास्थ्य विभाग के आदेशों के बाद भी ताला लटक रहा है। ऐसे में समय से पीड़ितों को इलाज हासिल नहीं हो रहा है।
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जिले में अचानक निमोनिया और डायरिया के मरीज बढ़ चले हैं। समय से उपचार न मिलने के कारण मरीजों की जान आफत में आ रही है। जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड पर यदि नजर डालें तो पता चलता है कि पिछले चार दिन में निमोनिया और डायरिया से पांच लोगों की मौत हुई है।
शहर के देवी रोड निवासी 45 वर्षीय अनिल कुमार पिछले कुछ दिन से डायरिया से पीड़ित थे। शुक्रवार की रात गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात में ही उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। निजामपुर पतारा निवासी पीहू, कुरावली निवासी आर्यन और कुबेरपुर निवासी नंदनी की निमोनिया से मौत हो चुकी है, जबकि पडोरा निवासी दुलारी देवी ने डायरिया से पीड़ित होने पर बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में दम तोड़ा था।
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समय से नहीं मिल पा रहा है प्राथमिक उपचार
कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के बीच जहां कोरोना वायरस के भय के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी पिछले 14 दिन से बंद है। वहीं कोरोना वायरस के भय के कारण प्राइवेट अस्पतालों में भी ताला लटक रहा है। चिकित्सक डॉ. अजय बाबू शाह, डॉ. एके जैन के साथ ही डॉ. आरएस यादव के क्लीनिक पर ताला लटका देखा जा रहा है। इस कारण मरीजों को प्राथमिक स्तर पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बीमारी पर काबू करना मुश्किल होता है।
इस कारण बढ़े मरीज
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. जेजे राम बताते हैं कि वर्तमान में सुबह-शाम मौसम में सर्दी रहती है। जबकि दोपहर के समय गर्मी हो जाती है। सर्दी और गर्मी के कारण बच्चे और बुजुर्ग निमोनिया का शिकार हो रहे हैं।
जरूरतमंदों के उपचार के लिए सेवाएं बंद नहीं हैं। यदि किसी बच्चे या बुजुर्ग को दिक्कत है तो वह 05672240251 पर कॉल करे। दो टीमें लगाई गई हैं जो कॉल आने के बाद बीमार को घर पर ही उपचार देने पहुंचेंगी। जरूरत पड़ने पर बीमार को एंबुलेंस सेवा से अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। निजी क्लीनिक भी सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए अपने क्लीनिक और अस्पताल खोलें। भीड़ को कम करने के लिए ओपीडी सेवा बंद है।
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डॉ. एके पांडेय, सीएमओ
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