मैनपुरी। गंभीर तीव्र कुपोषण (सैम) और मध्यम तीव्र कुपोषण (मैम) बच्चों के उपचार में जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। सीडीओ नेहा बंधु ने बृहस्पतिवार को जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक में यह लापरवाही पकड़ी। उन्होंने कार्य में उदासीनता के लिए जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई।
सीडीओ ने समीक्षा के दौरान पाया कि विकास खंड किशनी से बीते माह एक भी बच्चा पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती नहीं कराया गया। विकास खंड जागीर, बेवर से मात्र 1-1 बच्चे को भर्ती कराया गया। इस पर प्रभारी चिकित्साधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी किशनी, जागीर, बेवर को कड़ी चेतावनी दी। सीडीओ ने बताया कि 957 सैम एवं 5417 मैम बच्चे जिलेभर में चिह्नित हैं। इनमें सर्वाधिक 186 सैम बच्चे मैनपुरी शहर, 139 बच्चे विकास खंड किशनी, 133 बच्चे विकास खंड बेवर, 125 बच्चे मैनपुरी देहात में हैं।
वहीं 887 मैम बच्चे मैनपुरी देहात में, 844 बच्चे विकास खंड बेवर में, 676 बच्चे विकास खंड किशनी में, 663 बच्चे विकास खंड सुल्तानगंज में चिन्हित हैं। विकास खंड किशनी में 139 बच्चे सैम श्रेणी में चिह्नित होने के बावजूद एक भी बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र (एएनआरसी) में भर्ती न कराना घोर लापरवाही है। प्रभारी चिकित्साधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों से कहा कि सैम बच्चों के अभिभावकों को बताएं कि एनआरसी में भर्ती कराने से उनकी सेहत में सुधार होगा। निःशुल्क भोजन के साथ 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भी मिलेगा।