शहर लगातार दूसरे दिन ट्रैफिक जाम से जूझता रहा। शाम को हालत सबसे ज्यादा खराब हो गए। एक तो चकबंदी लेखपाल भर्ती परीक्षा देकर 77 हजार परीक्षार्थी सड़कों पर निकले। दूसरा, दिवाली की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ बढ़ गई। यातायातकर्मी कम होेने के चलते हर तरफ ट्रैफिक थम गया। हजारों लोगों के वाहन फंस गए। यमुना किनारे रोड पर देर रात तक मुसीबत रही।
वैसे ट्रैफिक के हालत सुबह से बिगड़ गए थे। लेखपाल भर्ती परीक्षा देने के लिए अभ्यर्थी तो आए ही। रविवार होने के चलते ताजमहल देखने पर्यटक भी लगभग 40 हजार पहुंचे। 77 हजार अभ्यर्थियों के साथ लगभग उनके 30 हजार अभिभावक भी थे। वाटर वर्क्स, सुल्तानगंज की पुलिया, भगवान टाकीज, खंदारी पर बसों, आटो और कारों की लंबी लाइन लग गई। इसके बाद दोपहर को एमजी रोड पर सबसे ज्यादा जाम रहा। देहली गेट पर दोपहर दो से तीन बजे तक हाल बेहाल रहा।
शाम को सिंधी मार्केट, शाह मार्केट, राजा मंडी, किनारी बाजार समेत सभी प्रमुख बाजारों में खरीदारी करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस ने ट्रैफिक जाम के प्वाइंट चिह्नित करके ड्यूटी लगाई थी, लेकिन यातायातकर्मी कम पड़ गए। इसके चलते ट्रैफिक जाम रहा। एक और कमी यह रही कि चारपहिया वाहनों को भी बाजारों में जाने से रोका नहीं गया।
आज भी पुलिस की परीक्षा
ट्रैफिक पुलिस के लिए सोमवार को बड़ी परीक्षा का दिन है। धनतेरस के चलते बाजारों में भारी भीड़ रहेगी।
सुबह से संभालने होंगे हालात
ट्रैफिक पुलिस यातायात पर तब तक ध्यान नहीं देती, जब तक हजारों लोग फंस न जाएं। अगर सुबह से ही हाईवे पर हालात ठीक रखे जाएं तो इसकी नौबत न आए।