थाना रामगढ़ के हबीबगंज निवासी इशरत अली (55) मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी दो बेटी हैं, दोनों की शादी हो चुकी है। बड़ी बेटी शबाना की शादी खंदौली थाना क्षेत्र के गांव सैमरा में हुई है। बेटी की ननद की सास का कुछ दिन पहले मृत्यु हो गई थी। वह शुक्रवार सुबह सात बजे घर से बेटी की ससुराल गए थे।
जहां से बेटी के ससुराल पक्ष के सभी लोग एक मालवाहक वाहन से हाथरस के थाना चंदपा क्षेत्र के गांव मुकुंदखेड़ा में चालीसवें में शामिल होने के लिए गए थे। वहां से वापस आते समय हाथरस के चंदपा थाना क्षेत्र में नगला भुस बाईपास कपूरा चौराहे के पास ओवरटेक करने के कारण रोडवेज बस से टक्कर हो गई। हादसे में 17 लोगों की मौत हुई थी। हादसे में इशरत अली, उनके दामाद व बेटी के ससुराल पक्ष के एक दर्जन लोगों ने भी जान गंवा दी।
पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार रात दो बजे इरशत अली का शव उनके घर पहुंचा। शव देखते ही परिजन में चीत्कार मच गई। सुबह करीब छह बजे एडीएम विशु राजा और तहसीलदार सदर व लेखपाल मौके पर पहुंचे। सुबह करीब 7:30 बजे शव का अंतिम संस्कार कराया गया। दोपहर तीन बजे पयर्टन मंत्री जयवीर सिंह, सदर विधायक मनीष असीजा ने परिवार को सात्वंना दी। सरकार की ओर से परिवार को सहायता राशि का चेक भी सौंपा। इस दौरान डीएम रमेश रंजन, एसएसपी सौरभ दीक्षित भी मौजूद रहे।