हर्ष फायरिंग पर रोक के बावजूद हर रोज लगभग 20 कारतूस चलाए जा रहे हैं। चौंकानें वाली बात ये है कि कारतूस कौन चला रहा है, इसका कोई हिसाब नहीं है। विक्रेता खाली कारतूसों के बदले नये कारतूस तो ले जा रहे हैं लेकिन कारतूस किस प्रयोग में चलाए जा रहे हैं, इसका कोई ब्योरा नहीं दे रहे। हर महीने करीब 600 कारतूस के खोखे जमा हो रहे हैं। शूटिंग रेंज के लिए कारतूस का कोटा अलग से है।
वर्ष 2013 में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शासन ने नये शस्त्र लाइसेंस जारी करने पर प्रतिबंध लगा रखा है। सामान्य परिस्थितियों में असलाह का लाइसेंस दिया
ही नहीं जा रहा है। वारिसान के ही लाइसेंसों का नवीनीकरण किया जा रहा है। साथ ही लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद हर्ष फायरिंग पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
ऐसे में अब राजनीतिक उपलब्धि का उल्लास, शादी समारोह, जन्मदिन पार्टी आदि मौकों पर फायर करना प्रतिबंधित है। अब नये कारतूस के लिए लाइसेंस धारक को एक-एक कारतूस का हिसाब देना होता है। कारतूस के खोखे जमा करने के बाद ही उन्हें नए कारतूस दिए जाते हैं। कलक्ट्रेट में हर महीने लगभग छह सौ कारतूस के खोखे जमा हो रहे हैं।
ये कारतूस कौन चला रहा है, इसका कोई रिकार्ड नहीं दिया जा रहा। कयास ये लगाए लगाए जा रहे हैं कि शूटिंग के लिए कोई लाइसेंस धारक व्यक्तिगत इन कारतूसों का प्रयोग कर सकता है। मगर, लिखित में इसका भी कोई रिकार्ड नहीं है। वहीं, शूटिंग रेंज के लिए राइफल एसोसिएशन को कारतूसों का परमिट अलग से है। फिलहाल, एसोसिएशन द्वारा लगभग 1500 कारतूस के खोखे अलग से जमा किए जाते हैं।
शहर में सबसे अधिक असलाह
शस्त्र लाइसेंस थाना क्षेत्र
2030 हरीपर्वत
3227 सदर
3084 न्यू आगरा
1591 ताजगंज
1333 शाहगंज
देहात में सबसे अधिक असलाह
शस्त्र लाइसेंस थाना क्षेत्र
2127 फतेहाबाद
1951 शमसाबाद
1885 बाह
1637 फतेहपुर सीकरी
1585 डौकी
यहां है सबसे कम असलाह
शस्त्र लाइसेंस थाना क्षेत्र
67 बसई जगनेर
112 मंटोला
145 चित्राहाट
148 मंसुखपुरा
160 मदनमोहन गेट
इतने कारतूस मिलते हैं एक लाइसेंस धारक को
नियम के अनुसार, बंदूक के शस्त्र लाइसेंसधारक साल में 100 कारतूस ही ले सकता है। एक बार में 10 से अधिक कारतूस नहीं ले सकता। इसी प्रकार रिवाल्वर लाइसेंस धारक साल में 25 कारतूस ही ले सकता है। एक बार में 10 से अधिक कारतूस नहीं मिल सकते है।
सात खोखे जमा करने पर मिलते हैं दस कारतूस
शासन की सख्ती के बाद एक-एक कारतूस का रिकार्ड रखा जाने लगा है। पुराने कारतूस के खोखे देने पर ही नये कारतूस मिलेंगे। सात खोखे जमा करने पर 10 नये कारतूस मिल सकते हैं। वहीं हर्ष फायरिंग पर सख्ती के चलते कारतूसों की खपत पर ब्रेक लग गया है।
जिले में महीनेभर में लगभग 800 कारतूसों की ही बिक्री हो पा रही है। जबकि जिले में 48 हजार से अधिक शस्त्र लाइसेंस धारक हैं। इस हिसाब से 60 शस्त्र लाइसेंस धारक मिलकर एक कारतूस चला पा रहे हैं।जिले में 25 शस्त्र लाइसेंस धारक विक्रेता हैं।
आत्मरक्षा में ही कर सकते हैं फायर
हर्ष फायरिंग के प्रतिबंध के बाद वर्तमान में लाइसेंसधारक सिर्फ आत्मरक्षा में ही फायर कर सकता है। वहीं, थानों में इस तरह के मामले नहीं पहुंच रहे, जिससे हिसाब रखा जा सके कि ये जो फायर हो रहे हैं, वह आत्मरक्षा में हो रहे हैं।
-हर्ष फायरिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। शूटिंग के लिए कारतूसों का प्रयोग हो रहा होगा।
केपी सिंह, एडीएम सिटी