स्वर्ण जड़ित हिंडोला से राधा रानी श्रद्धालुओं पर कृपा बरसाएंगी
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वैसे तो ब्रज मंडल में झूलों की परंपरा प्राचीन है, लेकिन लाड़ली के निज धाम बरसाना स्थित लाडली मंदिर में वृषभानु नंदिनी अपने प्रियतम के साथ गर्भगृह से बाहर निकल कर जगमोहन में स्थित सोने-चांदी से जड़ित हिंडोले में विराजमान होकर झूला झुलेंगी। 13 दिवसीय झूलन महोत्सव की शुरुआत बुधवार सुबह से शुरू होगी। झूलन महोत्सव का आयोजन लाडली मंदिर के अलावा कस्बे के वृषभानु मंदिर, दादी बाबा मंदिर, मान मंदिर, मोर कुटी, दानगढ़, विलासगढ़, राधारस मंदिर, कुशलबिहारी मंदिर, गोपाल जी मंदिर, श्यामा श्याम मंदिर, राम मंदिर आदि स्थानों पर देव विग्रहों को झूलों में झुलाया जाएगा। सेवायत रासबिहारी गोस्वामी ने बताया सोने-चांदी से जड़ित हिंडोले का निर्माण आज से 100 वर्ष पहले गोस्वामी समाज ने हरगुलाल सेठ की सहायता से कराया था। प्राचीन स्वर्ण हिंडोला साल में सिर्फ एक ही बार निकलता है। स्वर्ण हिंडोले में झूला झूलने के बाद वृषभानु नंदिनी का डोला बुधवार शाम मंदिर परिसर में स्थित नीचे सफेद छतरी में आएगा।
कुंवारी कन्या करेगी आरता
हरियाली तीज की संध्या पर राधारानी की आरती की जगह उनका आरता होगा। यह आरता गोस्वामी समाज की कुंवारी कन्या करती हैं। इसके बाद देर शाम दोबारा वृषभानु दुलारी को डोले में बैठा कर वापस मंदिर में ले जाया जाता है।
सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजामात
तेरह दिवसीय झूलन महोत्सव के शुरुआत के चलते सुरक्षा व्यवस्था के भी पुलिस प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजामात किए गए हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक आजादपाल सिंह ने बताया कि श्रीराधा रानी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था हरियाली तीज पर 100 पुलिसकर्मियों के बीच होगी। इसमें 70 कांस्टेबल, 20 महिला कांस्टेबल, 25 एसएचओ और दरोगा शामिल रहेंगे।