बार-बार वेतन मांगने पर उसकी पिटाई शुरू कर दी गई। उत्पीड़न का विरोध किया तो उसके साथ छह युवकों को बंधक बनाकर जमकर पीटा गया। जबरन काम कराया गया। शनिवार को सभी के वीजा और अन्य कागजात लेकर फैक्टरी मालिक ने उन्हें बाहर निकाल दिया।
इसके बाद आनंद बाथम ने सामूहिक रूप से वीडियो बनाकर अपने परिजनों को उत्पीड़न के बारे में बताया। साथ ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से वतन वापसी कराने की गुहार लगाई। वहीं वीडियो मिलने के बाद पत्नी रानी ने एसडीएम से मुलाकात करके मदद की गुहार लगाई है।
आनंद ऐसे पहुंचा सऊदी
आनंद बाथम की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वह इधर उधर नौकरी की तलाश में घूम रहा था। इसी बीच उसकी मुलाकात लखनऊ निवासी मुमताज से हुई थी। उसने सऊदी अरब में अच्छी नौकरी दिलाने की बात कही। वीजा बनवाने के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये लिए।
पांच मार्च को आनंद दुबई जाने के लिए घर से निकला। मुंबई में कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद 17 मार्च को वह दुबई के लिए रवाना हो गया था। तुरंत बाद ही उसे रियाद शहर में केमिकल फैक्टरी में नौकरी भी मिल गई। उत्पीड़न के बाद मुमताज वहां से भाग खड़ा हुआ।