वकीलों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
वादकारियों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करें
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। वकीलों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वकीलों के सम्मान और स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। समाज को न्याय मिलता हुआ दिखे इसका भी प्रयास किया जाएगा। यह बातें डीजीसी क्रिमिनल वीरेंद्र कुमार मिश्रा ने कहीं।
अधिवक्ता परिषद के स्थापना दिवस पर हुई बैठक में डीजीसी ने कहा वकील समाज का महत्वपूर्ण अंग हैं। वकीलों से समाज के लोगों को तमाम उम्मीदें रहती हैं। वकीलों को काम केवल बहस और पैरवी करना ही नहीं पीड़ित को न्याय दिलाना भी है। पीड़ित की बात को अदालत में वकील ही तार्किक तरीके से रखता है। वकील का प्रयास होना चाहिए कि पीड़ित को समय से न्याय मिल सके। अधिवक्ता परिषद वकीलों के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए भी काम कर रही है। वकीलों को भी वादकारियों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करनी चाहिए। अजीत नरायन सिंह चौहान, पुष्पेंद्र सिंह चौहान, एमपी सिंह चौहान, पुष्पेंद्र दुबे, पवनेंद्र मिश्रा, संजीव कुमार सिंह चौहान मौजूद रहे।