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बेटियों ने किया चीन की राखियों का बहिष्कार, पाक सीमा पर तैनात सैनिकों की कलाई पर सजेगी हाथों से बनी राखी

Mon, 27 Jul 2020 12:45 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

बेटियां बोलीं, चीन निर्मित राखियों का बहिष्कार ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि
 
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सैनिकों की कलाई पर बंधेगी हाथों से बनी राखी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गलवां घाटी में चीन के हमले में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत से क्षुब्ध भारत की बेटियों ने भी चीन की राखियों के बहिष्कार का एलान किया है। सैनिक की बहनों ने पाकिस्तान के बार्डर पर तैनात भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए अपने हाथों से बनाकर राखी भेजी हैं। कहा है कि यही शहीद सैनिकों के लिए बहनों की सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 
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बड़ागांव के शैलेंद्र सिंह कारगिल में तैनात हैं। उनकी बहन बबली ने अपने हाथों से बुनकर राखी डाक से भेजी है। चीन की कायराना हरकत पर गुस्सा भी जताया। कहा कि किसी भी सूरत में भाइयों की कलाई पर चीन में बनी राखी नहीं बंधनी चाहिए।

इमलीपुरा के अवधेश सिंह पुंछ, राजौरी में तैनात हैं। उनकी बहन एवं शहीद इंद्रजीत सिंह की वीरनारी स्नेह ने भी अपने भाई के लिए देसी राखी भेजी है। कहा कि चीन के हमले में शहीद हुए सैनिकों के लिए सावन में यही श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने देश की सभी बेटियों से चीन की राखी का बहिष्कार करने का आहवान किया। सिमराई गांव के रंजीत सिंह जम्मू कश्मीर में तैनात हैं। उनकी बहन सुकेश ने अपने हाथों से बनाकर भाई के लिए चिट्ठी और राखी भेजी है।    
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शहीद की बेटी ने भी हाथ से बनाई राखी
जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में चार आतंकियों को ढेर कर शहीद हुए बाह के इंद्रजीत सिंह की बेटी निशा ने अपनी मां वीरनारी स्नेह की तर्ज पर अपने हाथों से राखी बनाई है। भाई आकाश की कलाई पर वह यही राखी बांधेगी। उन्होंने कहा कि सैनिक बनकर देश की सेवा करूंगी। 
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